compliance कैलेंडर
Pvt Ltd, LLP, Section 8, ट्रस्ट, पार्टनरशिप या प्रोप्राइटरशिप — entity चुनिए और मंथली, क्वार्टरली और एनुअल compliance की पूरी लिस्ट अगली ड्यू डेट के साथ देख लीजिए। तारीखें हर रोज़ खुद अपडेट होती हैं।
सफीदों · दिल्ली (बुराड़ी) · PAN इंडिया — काम पूरा ऑनलाइन हो जाता है
एक बिज़नेस पर एक साथ GST, इनकम टैक्स, ROC और लेबर — चार अलग विभाग चलते हैं। हर एक की अपनी तारीख है, और किसी को दूसरे से मतलब नहीं। इसलिए छूटने वाली चीज़ अक्सर याद नहीं रहती, लिस्ट ही नहीं होती।
बंद पड़ी company, nil GST number, या वो LLP जिसमें एक भी entry नहीं — late fee इन्हीं पर सबसे ज़्यादा चढ़ती है, क्योंकि कोई देख ही नहीं रहा होता। काम न होने का मतलब filing न होना नहीं है।
Step 1
नीचे जो चुनेंगे उसके हिसाब से list तुरंत बदल जाएगी। कुछ भरना नहीं है, कोई detail नहीं मांगी जाती।
पता नहीं कौन सा option सही है? छोड़ दीजिए — हम एक बार देखकर बता देंगे कि आप पर exactly क्या लगता है।
पढ़ने से पहले
यहां वही dates हैं जो कानून में लिखी हैं। Government कभी-कभी notification से date आगे बढ़ा देती है — ऐसा होने पर ऊपर notice strip में अलग से दिख जाता है।
AOC-4, MGT-7 और ADT-1 की date आपकी AGM की तारीख से गिनती है। यहां आखिरी सीमा पर AGM मानकर दिखाया गया है। AGM जल्दी हुई तो ये dates भी उतनी ही जल्दी आ जाएंगी।
Professional tax, labour welfare fund और shops registration हर state में अलग चलते हैं। Multi-state team हो तो हर state को अलग देखना पड़ता है।
Income Tax Act, 2025 एक April 2026 से लागू है। TDS और TCS के form numbers बदल गए हैं, dates वही हैं। पुराने form number पर file करने से return reject हो सकता है।
Industry licence, import-export, या किसी विभाग का अपना registration — ये सब आपके business के हिसाब से अलग से लग सकते हैं। पूरी list एक बार review करके बनती है।
अलग-अलग जगह से GST, ITR और ROC करवाने पर सबसे ज़्यादा चीज़ें बीच की खाली जगह में गिरती हैं। Monthly retainer इसी गैप को बंद करता है।
सवाल जवाब
हाँ। पेज हर बार खुलने पर आज की तारीख देखकर हर compliance की अगली due date खुद निकालता है, इसलिए लिस्ट कभी पुरानी नहीं दिखती। इसके अलावा जब सरकार कोई date आगे बढ़ाती है या नियम बदलता है, वो अलग से ऊपर notice स्ट्रिप में आ जाता है।
Tax और GST की compliance दोनों पर एक जैसी लगती है — return, TDS और audit में कोई छूट नहीं मिलती। फर्क कोर्ट में आता है: unregistered firm अपने कॉन्ट्रैक्ट को कोर्ट में लागू करवाने के लिए कई मामलों में मुक़दमा नहीं कर सकती। इसलिए registration compliance का नहीं, सुरक्षा का सवाल है।
Proprietor और firm income tax की नज़र में एक ही हैं, इसलिए ROC का कोई काम नहीं होता। लेकिन GST registration है तो return उतना ही ज़रूरी है जितना company के लिए, और employees हैं तो PF, ESI और TDS भी बराबर लगते हैं।
हाँ। Nil company को भी AOC-4, MGT-7 और ITR भरनी होती है, और GST registration है तो nil return भी भरना होता है। बंद पड़ी company पर late fee सबसे ज़्यादा इसी वजह से चढ़ती है, क्योंकि कोई देख ही नहीं रहा होता।
सबसे पहले ये देखना होता है कि filing अभी भी मुमकिन है या विंडो बंद हो चुकी है — कई जगह समय-सीमा के बाद पोर्टल ही file नहीं करने देता। उसके बाद late fee और interest का हिसाब लगाकर सबसे कम नुकसान वाला रास्ता चुना जाता है। अपनी स्थिति भेज दीजिए, हम देखकर बताएंगे।
ये आम तौर पर लगने वाली compliance की लिस्ट है। आपके बिज़नेस के हिसाब से कुछ और भी लग सकता है — जैसे इंडस्ट्री का licence, राज्य का अपना नियम, इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट, या किसी विभाग का स्पेशल registration। इसलिए इसे शुरुआत मानिए, फाइनल लिस्ट नहीं।
Entity, GST status और टीम साइज बताइए — हम आपके लिए लगने वाली सारी compliance, dates के साथ, एक पेज पर भेज देंगे। उसके बाद चाहें तो हम ही संभाल लेते हैं।
आगे पढ़िए
AOC-4, MGT-7, ADT-1 और director KYC — company और LLP दोनों के लिए।
Monthly या QRMP — GSTR-1, 3B और annual return, reconciliation के साथ।
Challan से लेकर quarterly return और Form 16 तक, साथ ही defaults ठीक करने की सुविधा।
Salary, business, capital gains या audit केस — सही फॉर्म और सही समय पर।
PF, ESI, professional tax और salary structure — नए लेबर कोड के हिसाब से।
हर महीने सब कुछ एक ही जगह — फिक्स्ड मंथली फीस पर।
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। Due dates कानून के हिसाब से दिखाई गई हैं और सरकारी नोटिफिकेशन से बदल सकती हैं — filing करने से पहले अपने केस के लिए कन्फर्म ज़रूर कर लें। सरकारी फीस और late fee, जहाँ लागू हो, अलग से देनी होगी।