फ्री टूल · 2 मिनट
10 सवाल। कोई नाम नहीं, कोई मोबाइल नंबर नहीं, कोई चार्ज नहीं। जवाब दीजिए और तुरंत देख लीजिए कि GST, TDS, ITR, payroll और ROC में क्या चीज़ें ध्यान मांगती हैं — और क्या ठीक चल रहा है।
जवाब आपके ब्राउज़र में ही रहते हैं — कहीं सेव नहीं होते
सीधी बात
वो सवाल जो हम किसी भी नए client से पहली मीटिंग में पूछते हैं। आपके जवाब के हिसाब से यह बताता है कि कौन सी चीज़ पहले देखनी चाहिए और कौन सी बाद में। इससे आपको पता चल जाता है कि बात कहाँ से शुरू करनी है।
दस सवालों से कोई भी प्रोफेशनल आपके बिज़नेस का फैसला नहीं सुना सकता। यह टूल आपके डॉक्युमेंट्स नहीं देखता, आपका लेजर नहीं पढ़ता। जो भी निकले उसे एक शुरुआती लिस्ट समझिए, फाइनल रिपोर्ट नहीं।
यह टूल जान-बूझकर कोई ड्यू डेट, penalty का नंबर या रेट नहीं बताता। वो हर केस में अलग होते हैं और बदलते रहते हैं — गलत नंबर आपके काम का नहीं, नुकसान का है। जो लागू होता है वो बात करके बताया जाता है।
जवाब सिर्फ आपके ब्राउज़र में रहते हैं। कोई फॉर्म नहीं, कोई लॉगिन नहीं, कुछ सर्वर पर सेव नहीं होता। आगे बात करनी हो तो आखिर में आप खुद WhatsApp बटन दबाते हैं — तभी कुछ भेजा जाता है।
उसके बाद
हर पॉइंट के साथ यह भी लिखा होता है कि वो चीज़ मायने क्यों रखती है। आप चाहें तो बस पढ़कर छोड़ दीजिए — कोई ज़रूरत नहीं कि बात आगे बढ़े।
एक बटन आपके जवाब WhatsApp पर भेज देता है। आपको दोबारा सब लिखना नहीं पड़ता — हमें पहले से पता होता है कि बात किस बारे में करनी है।
पहली बात में हम और सवाल पूछेंगे — टर्नओवर, डॉक्युमेंट्स, क्या पहले से हो चुका है। कोट उसके बाद आता है, पहले नहीं।
जो लागू होगा उसका स्कोप और फिक्स्ड प्राइस लिखकर भेज देते हैं। सरकारी फीस, जहाँ लगती है, अलग से बताई जाती है।
सवाल
नहीं। दस सवालों का जवाब दीजिए, रिजल्ट तुरंत दिख जाएगा। नाम और नंबर तभी जाते हैं जब आप खुद आखिर में WhatsApp वाला बटन दबाते हैं — और वो आपकी मर्जी है।
नहीं। यह एक शुरुआती checklist है। कोई भी असली राय आपके documents देखे बिना नहीं बनती — return, ledger, agreements, registration certificates। result को "इन चीज़ों पर बात करनी चाहिए" की लिस्ट समझिए।
क्योंकि वो केस के हिसाब से बदलते हैं और समय के साथ भी। एक गलत date या गलत penalty figure आपको फैसला लेने में भरमा देगी। जो आप पर लागू होता है वो हम आपकी situation देख कर बताते हैं।
हाँ। पहला ही सवाल इसी के लिए है। अगर आप अभी शुरू कर रहे हैं तो result में structure और registration वाली बातें आ जाएंगी — कि proprietor रहें, LLP बनाएं या Pvt Ltd।
नहीं। आप WhatsApp पर मैसेज भेजेंगे तभी बात शुरू होगी। और अगर आप जवाब नहीं देंगे तो बात वहीं खत्म — पीछे पड़ने वाली कोई कॉलिंग नहीं होती।
बिल्कुल। बहुत से लोग इसे अपने existing CA से सही सवाल पूछने के लिए use करते हैं। इसका मकसद आपका CA बदलना नहीं है — आपको यह पता होना चाहिए कि पूछना क्या है।
और भी
Tool भरना ज़रूरी नहीं। अपनी situation दो लाइन में लिख भेजिए — हम बता देंगे कि देखना क्या चाहिए। पहली बात का कोई चार्ज नहीं।