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वर्चुअल सीएफओ · एडवाइजरी

सीएफओ का काम चाहिए —
लेकिन सीएफओ की सैलरी नहीं।

बहुत से बिज़नेस इसलिए नहीं रुकते कि काम कम है। वो इसलिए रुकते हैं कि आंकड़े वक्त पर सामने नहीं आते। कौन सा प्रोडक्ट पैसा दे रहा है, कैश कहां अटका है, अगले महीने कितना चाहिए — ये हर महीने पता होना चाहिए, साल के अंत में नहीं।

काम में क्या शामिल है

  • मंथली एमआईएस और डैशबोर्ड्स
  • कैश फ्लो और वर्किंग कैपिटल
  • कॉस्टिंग और प्राइसिंग का रिव्यू
  • बजट और प्रोजेक्शन
  • बैंक और इन्वेस्टर रिपोर्टिंग
  • कम्प्लायंस कैलेंडर की निगरानी
2,500+पूरे भारत में client
20+प्रोफेशनल्स और स्टाफ
4office — UP, दिल्ली, हरियाणा

फीस

काम और फीस

फीस business के साइज, transactions और reporting की ज़रूरत पर निर्भर करती है। नीचे शुरुआती जानकारी दी गई है।

V1

छोटा business

एक यूनिट, सिंपल बुक्स, बेसिक reporting

  • हर महीने बुक्स की क्लोजिंग
  • एक पेज का MIS
  • Cash flow की समरी
  • Compliance कैलेंडर पर नज़र

₹25,000 / month से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का scope देखने के बाद तय होती है

V1 के बारे में पूछिए
सबसे कॉमन
V2

बढ़ता हुआ business

एक से ज़्यादा प्रोडक्ट्स या लोकेशन्स, बैंक लिमिट के साथ

  • V1 का पूरा scope
  • बजट और variance रिव्यू
  • Receivables और payables का सिस्टम
  • मार्जिन और प्राइसिंग एनालिसिस
  • बैंक और CMA डॉक्यूमेंटेशन

₹45,000 / month से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का scope देखने के बाद तय होती है

V2 के बारे में पूछिए
V3

Corporate या funded

Investor reporting, board meetings, audit की तैयारी

  • V2 का पूरा scope
  • Board और investor reporting
  • Audit के लिए तैयारी
  • Internal controls का review
  • हर महीने review meeting

₹75,000 / month से शुरू · + GST
Exact fee scope देखने के बाद fix होती है

V3 के बारे में पूछिए

इस page पर दी गई जानकारी general information है, professional advice नहीं। Tax positions facts और उस वक्त के law पर depend करती हैं — अपने case के लिए हमसे बात कर लीजिए।

साल के अंत के numbers फैसले के काम नहीं आते

साल खत्म होने पर पता चले कि margin गिर गया तो कुछ नहीं किया जा सकता। हर महीने पता चले तो टाइम रहते सुधारा जा सकता है।

Bank और investor सबसे पहले numbers मांगते हैं

Loan, limit या funding — तीनों जगह साफ़ books, projections और documentation चाहिए। ये रात भर में तैयार नहीं होते।

Scope

क्या-क्या cover होता है

एक full-time CFO जो काम करता है, वही काम — part-time engagement में।

Monthly books का closing

हर महीने books बंद, ताकि numbers हमेशा ताज़ा और भरोसे के लायक रहें।

MIS और dashboard

Sales, margin, खर्चा और profit — एक page पर, समझ आने वाली भाषा में।

Cash flow planning

कितना आएगा, कितना जाएगा, और किस हफ्ते कमी पड़ेगी — पहले से पता।

Budget और variance

साल का budget, और हर महीने ये कि plan से कितना आगे-पीछे चल रहे हैं।

Receivables और payables

किसका पैसा अटका है और कितने दिन से — follow-up का system।

Pricing और margin

कौन सा product या client असली में पैसा दे रहा है, और कौन सा नहीं।

Bank और loan documentation

CMA data, projections और bank के सवालों का जवाब।

Compliance की निगरानी

GST, TDS और ROC time पर जा रहे हैं या नहीं — एक जगह से नज़र।

Board और investor reporting

जो report बाहर जाती है, वो साफ़ और consistent रहे।

आम दिक्कतें

इन चीज़ों पर सबसे ज़्यादा सवाल आते हैं

ये वो चीज़ें हैं जिनके लिए business owner सबसे ज़्यादा परेशान होते हैं।

Books साल के अंत में बनते हैं

पूरा साल अंधेरे में निकल जाता है, और गलती सुधारने का time ही नहीं बचता।

Bank balance है पर profit का पता नहीं

पैसा आना और मुनाफ़ा होना दो अलग चीज़ें हैं।

Loan के लिए numbers तैयार नहीं

Bank documents मांगता है और उस वक़्त सब जल्दबाज़ी में बनता है।

उधार फँसा पड़ा है

किसने कब देना था, ये किसी एक जगह लिखा ही नहीं होता।

Books और GST return match नहीं करते

दो जगह दो अलग नंबर — notice की सबसे आम वजह।

Accountant है पर सवाल पूछने वाला कोई नहीं

Entry हो जाती है, लेकिन उसका मतलब कोई नहीं निकलता।

प्रोसेस

कैसे चलता है

1

रिव्यू

अभी books, systems और numbers कहाँ खड़े हैं — एक ईमानदार तस्वीर।

2

सेटअप

Chart of accounts, reports का format और महीने का calendar तय।

3

हर महीने

Closing, MIS और cash flow — फिक्स तारीख पर।

4

बैठक

हर महीने या quarter में numbers पर बात, और अगले कदम।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हमारा accountant पहले से है, फिर आपकी क्या ज़रूरत?

Accountant entry करता है, हम उस data का मतलब निकालते हैं। दोनों अलग काम हैं — अक्सर हम आपके ही accountant के साथ मिलकर काम करते हैं, उसको हटाते नहीं।

क्या आपको रोज़ office आना पड़ेगा?

नहीं। काम पूरा online चलता है। हर महीने या quarter में एक बैठक होती है, वो call पर या office में — जैसा आपको ठीक लगे।

Books Tally पर हैं, चलेगा?

हाँ। Tally, Zoho, Busy या Excel — जो आप use करते हो उसी पर काम हो जाता है। नया software लेने की ज़रूरत नहीं।

क्या आप GST और TDS भी करेंगे?

वो अलग services हैं और उनकी fees अलग है। Virtual CFO में हम उनपर नज़र रखते हैं कि time पर जा रहे हैं या नहीं। दोनों एक साथ चाहिए तो combined plan बना देते हैं।

हमारा business छोटा है, ये ज़रूरी है क्या?

हर business के लिए नहीं है। अगर आपके पास कुछ ही transactions हैं तो accounting और retainer काफी है। बात करके साफ़ बता देंगे कि अभी ज़रूरत है भी या नहीं।

कितने महीने का commitment लेना पड़ता है?

काम महीने के हिसाब से चलता है। इतना ज़रूर कहेंगे कि तीन-चार महीने से पहले फर्क दिखता नहीं, क्योंकि पहला महीना तो सिर्फ चीज़ें सीधी करने में जाता है।

और भी

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Funding, ESOP और valuation

अपने पिछले साल के numbers दिखाइए

Turnover, कितने लोग, और books अभी कैसे चलती हैं — इतना काफी है। हम बता देंगे कि Virtual CFO की ज़रूरत है भी या नहीं, और है तो कौन सा tier ठीक रहेगा। इसके लिए कोई charge नहीं।

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