सर्च + filing
एक ब्रांड, एक क्लास
- उपलब्धता की सर्च और क्लास का चुनाव
- एप्लीकेशन की ड्राफ्टिंग और filing
- TM इस्तेमाल करने की कन्फर्मेशन
- स्टेटस ट्रैकिंग
₹3,500 से शुरू · + GST · सरकारी फीस अलग
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय की जाती है
Trademark और IP · Trade Marks Act, 1999
नाम पर मेहनत और पैसा लगता है, लेकिन हक उसी का होता है जिसके पास registration है। Search से लेकर objection reply और hearing तक, पूरा काम एक ही फर्म के अंदर।
काम में क्या शामिल है
फीस
नीचे प्रोफेशनल फीस दी गई है। डिपार्टमेंट की सरकारी फीस अलग होती है जो क्लास और आवेदक के प्रकार पर निर्भर करती है — यह हम आपको पहले ही बता देते हैं।
एक ब्रांड, एक क्लास
₹3,500 से शुरू · + GST · सरकारी फीस अलग
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय की जाती है
Examination रिपोर्ट आ गई है
₹7,500 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय की जाती है
कोई विरोध कर रहा है, या hearing लगी है
₹15,000 से शुरू · + GST
Exact fee scope देखने के बाद fix होती है
इस page पर दी गयी जानकारी general information है, professional advice नहीं। Tax positions facts और उस वक़्त के law पर depend करती हैं — अपने case के लिए हमसे बात कर लीजिए।
बिना search के file करना सबसे आम गलती है। मिलता-जुलता mark पहले से registered हो तो application objection या opposition में फंस जाती है, और उस वक़्त तक आप brand पर खर्च कर चुके होते हैं।
Application file होते ही आप अपने नाम के साथ TM लिख सकते हैं, और वो तारीख आपके हक़ की तारीख बन जाती है। इसलिए देर करने का कोई फायदा नहीं।
Process
हर application एक जैसा नहीं चलता — कुछ सीधे register हो जाते हैं, कुछ objection या opposition से गुज़रते हैं।
आपका नाम पहले से किसी के पास तो नहीं — और आपका business किस class में आता है। गलत class में filing का मतलब है protection कहीं और मिल गया।
सही applicant के नाम पर, सही class और description के साथ। Individual, startup और small enterprise के लिए government fee कम होती है।
Examination report आने पर उसका reply लिखित में देना होता है, deadline के अंदर। अच्छा reply ही वो जगह है जहाँ ज़्यादातर applications बचती हैं।
कोई दूसरा आपके मार्क का विरोध करे, या hearing लग जाए — दोनों में representation हम करते हैं।
Registration के बाद मार्क एक निश्चित अवधि के लिए चलता है और समय पर renew करना पड़ता है। Date मिस होने पर मार्क खत्म हो सकता है।
Brand किसी और को देना, company के नाम पर transfer करना, या इस्तेमाल करने का licence देना — सब documented होना चाहिए।
Content, artwork, software code या manual — जहाँ trademark नहीं चलता वहाँ copyright काम आता है।
Product की shape और look — अगर आपका product दिखने में अलग है तो उसका अलग protection होता है।
कोई आपका नाम इस्तेमाल कर रहा है — notice से लेकर आगे की कार्रवाई तक, legal side भी हमारे पास ही है।
ये बातें पहले से जान लीजिए
इन पर शुरुआत में 10 मिनट लगाना, बाद के महीने बचा देता है।
Proprietor, company या founder — ये आगे चलकर funding और transfer दोनों पर असर डालता है।
Word mark और logo — दोनों का protection अलग होता है। ज़्यादातर business को word mark पहले चाहिए।
आप आगे क्या बेचने वाले हैं — अगर वो अभी की class से बाहर है तो उसी वक़्त सोच लेना सस्ता पड़ता है।
हमारी professional fee और department की fee अलग हैं। Individual, startup और small enterprise के लिए department की fee कम होती है।
Registration एक लंबी process है। लेकिन protection application की तारीख से जुड़ता है, इसलिए जल्दी file करना फायदा देता है।
बहुत पुराने brands सिर्फ इसलिए खत्म हो जाते हैं क्योंकि renewal की date निकल गयी। हम ये date track करते हैं।
Process
नाम और class का search, और उसका सीधा मतलब — risk है या नहीं।
Documents और application, उसी दिन या अगले दिन।
Objection या opposition आये तो reply और representation हम करते हैं।
Registration के बाद renewal की date हमारे calendar में रहती है।
Search ज़रूरी है। बिना search के file करने पर मिलता-जुलता mark सामने आने का risk रहता है, और तब तक आप fee और brand दोनों पर खर्च कर चुके होते हैं। Search सस्ता है, objection महंगा।
ये process लंबी है और department के workload पर depend करती है। लेकिन आपका हक application की तारीख से जुड़ता है, इसलिए देर करने से सिर्फ नुकसान होता है।
ज़रूरी नहीं, लेकिन दोनों का protection अलग होता है। ज़्यादातर business पहले word mark लेते हैं, क्योंकि वो नाम को हर form में cover करता है। Logo बाद में भी हो सकता है।
वो class और applicant type पर depend करती है — individual, Startup India और small enterprise के लिए कम होती है। आपका case देख कर exact number पहले ही बता देते हैं।
दोनों का आपस में संबंध है। अगर company बनने वाली है तो mark किस नाम पर हो, ये पहले तय करना बेहतर है — बाद में transfer करना extra काम है।
पहले देखते हैं कि आपका registration या application किस stage पर है, फिर notice और आगे की कार्रवाई। Legal side भी हमारे ही पास है, इसलिए अलग जगह भागना नहीं पड़ता।
और भी
सिर्फ नाम और आप क्या बेचते हैं — इतने से हम search करके बता देंगे कि रास्ता साफ़ है या नहीं। इसके लिए कोई charge नहीं।