तेज़। सही। बिना किसी परेशानी के।

GST · CGST Act, 2017

GST नंबर लेना आसान है —
गलत डिटेल से लेना महंगा पड़ता है।

बिजनेस का टाइप, मुख्य जगह, और HSN — ये तीनों एप्लीकेशन में जो भर दिया जाता है, वही सालों चलता है। बाद में हर चीज़ में बदलाव करना पड़ता है, और कुछ चीज़ें बदलती ही नहीं।

काम में क्या शामिल है

  • registration ज़रूरी है या नहीं — पहले चेक
  • रेगुलर, कंपोजिशन या कैज़ुअल का फैसला
  • REG-01 filing और आधार ऑथेंटिकेशन
  • Clarification notice (REG-03) का जवाब
  • मल्टी-स्टेट और ई-कॉमर्स registration
  • अमेंडमेंट, कैंसलेशन और रिवोकेशन
2,500+पूरे भारत में clients
20+प्रोफेशनल्स और स्टाफ
4offices — UP, दिल्ली, हरियाणा

फीस

काम और फीस

नीचे हमारी प्रोफेशनल फीस दी गई है। registration की कोई सरकारी फीस नहीं लगती; नोटरी या डॉक्यूमेंटेशन का खर्चा अलग हो सकता है।

सबसे कॉमन
R1

नया registration

एक स्टेट, नॉर्मल या कंपोजिशन

  • टाइप का चुनाव
  • डॉक्यूमेंट्स की तैयारी
  • एप्लीकेशन और ARN फॉलो-अप
  • सर्टिफिकेट और invoice फॉर्मेट

₹1,500 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है

R1 के बारे में पूछिए
R2

मल्टी-स्टेट या ई-कॉमर्स

एक से ज़्यादा GSTIN, सेलर या एक्सपोर्ट

  • R1 का पूरा स्कोप
  • हर स्टेट का अलग registration
  • ई-कॉमर्स की ज़रूरतें
  • एक्सपोर्ट के लिए LUT

₹3,500 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है

R2 के बारे में पूछिए
R3

संशोधन, कैंसलेशन या रिवोकेशन

पुराना registration ठीक कराना है

  • रिकॉर्ड का संशोधन
  • कैंसलेशन का पूरा प्रोसेस
  • कैंसल हुए registration का रिवोकेशन
  • पेंडिंग return का असेसमेंट

₹5,000 से शुरू · + GST
सटीक फीस स्कोप देखने के बाद तय होती है

R3 के बारे में पूछिए

इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। टैक्स की स्थिति तथ्यों और उस वक्त के कानून पर निर्भर करती है — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।

registration के बाद filing रुकती नहीं

नंबर मिलते ही return की ज़िम्मेदारी शुरू हो जाती है, चाहे सेल हो या न हो। इसलिए लेने से पहले यह तय होना चाहिए कि ज़रूरत है भी या नहीं।

फिजिकल वेरिफिकेशन अब आम है

एड्रेस प्रूफ कमज़ोर हो या प्रेमिसेस मैच न करे तो एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाती है, या बाद में सस्पेंशन का notice आता है।

स्कोप

क्या-क्या कवर होता है

आपका बिजनेस कैसे चलता है, उसके हिसाब से registration का टाइप बदल जाता है।

नॉर्मल registration

रेगुलर बिजनेस के लिए नया GSTIN — पूरी डॉक्यूमेंटेशन के साथ।

Composition scheme

छोटे बिजनेस के लिए, जहाँ सिंपल filing चाहिए और क्रेडिट की ज़रूरत कम हो।

E-commerce सेलर्स

Amazon, Flipkart या अपनी वेबसाइट — प्लेटफार्म की अपनी ज़रूरतें होती हैं।

Multi-state registration

हर राज्य का अपना GSTIN — अगर गोदाम या branch कहीं और हो तो ज़रूरी हो जाता है।

Casual और exhibition

किसी दूसरे राज्य में temporary स्टॉल या event के लिए।

exports के लिए LUT

बिना टैक्स के export करने के लिए LUT — हर साल renew होती है।

Amendment

Address, business नाम, partner या director बदला हो तो रिकॉर्ड update।

Cancellation

Business बंद हो गया हो तो सही तरीके से cancel कराना, वरना liability चलती रहती है।

Revocation

Department ने cancel कर दिया हो तो उसे वापस चालू कराना।

आम दिक्कतें

इन चीज़ों पर सबसे ज़्यादा सवाल आते हैं

ये वो चीज़ें हैं जो registration के आस-पास सबसे ज़्यादा अटकती हैं।

Application reject हो गई

Address proof, NOC या फोटो — कोई एक document department की requirement से मैच नहीं किया।

Registration suspend हो गया

Returns pending थे या verification में premises नहीं मिला।

Rent agreement नहीं है

घर से काम हो रहा है और proof कैसे देना है, ये clear नहीं।

Number ले लिया, filing शुरू नहीं की

अब late fee जुड़ चुकी है और portal आगे का काम रोक रहा है।

दो राज्य में काम है, एक ही नंबर है

गोदाम या delivery दूसरे राज्य से हो रही है लेकिन registration नहीं है।

Cancel कराना था, छोड़ दिया

बिना cancel किए return की ज़िम्मेदारी खत्म नहीं होती।

प्रोसेस

कैसे चलता है

1

ज़रूरत

पहले ये तय करें कि registration लेना चाहिए भी या नहीं, और कौन सा टाइप।

2

Documents

फोटो, प्रूफ और एड्रेस के वो documents जो डिपार्टमेंट असल में मांगता है।

3

Filing

Application, ARN और डिपार्टमेंट के सवालों का जवाब।

4

आगे का

Certificate, invoice फॉर्मेट और पहली filing का सेटअप।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुझे GST लेना ज़रूरी है या नहीं?

ये आपके टर्नओवर, राज्य और बिजनेस टाइप पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में टर्नओवर कम होने पर भी इसे लेना पड़ता है — जैसे inter-state सप्लाई या ई-कॉमर्स पर बेचना। आप अपना काम बता दीजिए, हम साफ बता देंगे।

घर से काम करता हूँ, एड्रेस प्रूफ क्या दूँ?

अपना घर है तो प्रॉपर्टी पेपर, किराये पर है तो रेंट एग्रीमेंट और मालिक की NOC। बिजली का बिल भी अक्सर चाहिए होता है।

कितने दिन में नंबर मिल जाता है?

ये डिपार्टमेंट के प्रोसेस पर है, इसलिए हम कोई दिन नहीं बताते। Documents पूरे हों तो application उसी दिन लग जाती है, और ARN से स्टेटस चेक होता रहता है।

Application reject हो गई थी, दोबारा हो सकती है?

हाँ। पहले reject होने की वजह देखते हैं, क्योंकि वही गलती दोबारा हुई तो फिर reject होगा। उसके बाद सही documents के साथ दोबारा file करते हैं।

Composition scheme लेना चाहिए?

इसमें filing आसान होती है लेकिन क्रेडिट नहीं मिलता और कुछ बिजनेस इसमें आ ही नहीं सकते। आपके ग्राहक बिजनेस वाले हैं या आम लोग — इससे फैसला बदल जाता है।

Registration cancel कराना है, क्या करना होगा?

पहले सारे पेंडिंग return भरने पड़ते हैं, उसके बाद cancellation की application जाती है। बिना cancel किए छोड़ देना सबसे महंगा रास्ता है।

और भी

संबंधित services

GST return filing

नंबर मिलने के बाद हर महीने का काम

GST notice SOS

अगर suspension या notice आया हो तो

E-commerce sellers

Amazon और Flipkart वाले sellers

अपना business बताइए, registration की ज़रूरत हम बता देंगे

आप क्या बेचते हैं, किस राज्य में, और online या offline — बस इतना काफी है। हम बता देंगे कि registration लेना चाहिए या नहीं, कौन सा type बनेगा और क्या documents लगेंगे। इसके लिए कोई charge नहीं है।

WhatsApp पर बात करिए
AAarzoo से पूछिए
A
AarzooCGA India असिस्टेंट · ऑनलाइन