सैलरी वाले और आसान केस
सैलरी, एक घर, ब्याज और सामान्य कटौती
- Form 16 से return
- कटौती का सही क्लेम
- AIS और 26AS मिलान
- filing और e-verification
₹499 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है
इनकम टैक्स · CBDT
return जल्दी भर देना आसान है। दिक्कत तब आती है जब AIS और return मैच नहीं करते, refund अटक जाता है, या दो साल बाद notice आता है। हम वही return बनाते हैं जो बाद में टिका रहे।
काम में क्या शामिल है
फीस
फीस इनकम के प्रकार पर निर्भर करती है, इनकम की राशि पर नहीं। नीचे शुरुआती आंकड़े दिए गए हैं।
सैलरी, एक घर, ब्याज और सामान्य कटौती
₹499 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है
शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी, एक से ज़्यादा घर
₹2,500 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है
Business, profession, freelance या F&O income
₹5,000 से शुरू · + GST
Exact fee scope देखने के बाद fix होती है
इस page पर दी गयी जानकारी general information है, professional advice नहीं। Tax positions facts और उस वक्त के law पर depend करती हैं — अपने case के लिए हमसे बात कर लीजिए।
Salary, interest, dividend, share और property — सब AIS में पहले से दिखता है। return उससे match नहीं करेगा तो system खुद पकड़ लेता है।
कौन सा regime बेहतर है, ये आपकी income और deductions देखे बिना नहीं कहा जा सकता। एक बार गलत चुनाव हो जाये तो business income वाले case में वापस बदलना आसान नहीं होता।
Scope
आपकी income किस तरह की है, उसके हिसाब से form और काम दोनों बदल जाते हैं।
एक या कई employers, Form 16, HRA और deductions — सब जोड़कर सही form में।
Shares, mutual funds, property या unlisted shares — short term और long term अलग-अलग, holding period के साथ।
एक से ज़्यादा property, home loan interest, और let-out property का हिसाब।
Books के हिसाब से या presumptive basis पर — दोनों option का असर समझा कर।
26AS में दिखने वाले TDS को income से मिलाना, और expenses का सही claim।
Return भरने से पहले हर entry मिलाना — यही step आगे चलकर ज़्यादातर notices रोक देता है।
पिछले साल का रह गया या गलती पकड़ी गई — जो window अभी खुली है उसमें काम।
Return file होने के बाद defective notice आया हो तो उसको ठीक करके दोबारा file करना।
Refund fail हुआ, adjust हो गया, या कम आया — उसका follow-up और rectification।
आम दिक्कतें
ये वो चीज़ें हैं जिनके लिए लोग अक्सर filing के बाद आते हैं — और तब काम महंगा पड़ता है।
एक छोटा interest या dividend छूट जाए तो भी mismatch बन जाता है।
Bank account validate नहीं है, या पुरानी demand से adjust हो गया।
Deductor ने return गलत भरा — जब तक वो ठीक नहीं करता, credit नहीं आता।
Deductions थे लेकिन claim ही नहीं हुए, या business case में वापस switch करना मुश्किल हो गया।
ये दोनों अलग ट्रीटमेंट मांगते हैं, और एक्सचेंज का डेटा डिपार्टमेंट के पास पहले से है।
143(1) का एडजस्टमेंट हो या स्क्रूटनी — जवाब का अपना टाइम विंडो होता है।
प्रोसेस
Form 16, बैंक और ब्रोकर स्टेटमेंट्स, और जो भी इनकम हो — एक लिस्ट हम भेज देते हैं।
AIS और 26AS से हर एंट्री मिलाते हैं, गैप पहले निकाल लेते हैं।
फॉर्म, रिजीम और डिडक्शन — नंबर फाइनल करने से पहले आपको दिखाते हैं।
Filing, ई-वेरिफिकेशन और एकनॉलेजमेंट — कॉपी आपके पास रहती है।
ये आपकी इनकम के टाइप पर डिपेंड करता है — सिर्फ सैलरी है, या कैपिटल गेन्स, बिजनेस या फॉरेन एसेट भी है। आप अपनी इनकम की लिस्ट बता दीजिए, फॉर्म हम बता देंगे।
ये डिडक्शन और इनकम दोनों देख कर ही तय होता है — एक जैसा जवाब सब पर नहीं लगता। हम दोनों का कंपैरिजन बना कर आपको नंबर दिखाते हैं, फैसला आपका रहता है।
इसका टाइम डिपार्टमेंट के प्रोसेस पर है, हम कोई दिन नहीं बता सकते। इतना ज़रूर करते हैं कि बैंक अकाउंट वैलिडेट हो और return में कोई मिसमैच न रहे — refund यहीं अटकता है।
Form 16, बैंक स्टेटमेंट, ब्रोकर और म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट, होम लोन सर्टिफिकेट, और इन्वेस्टमेंट प्रूफ। आपके केस के हिसाब से एक शॉर्ट लिस्ट हम WhatsApp पर भेज देते हैं।
कुछ विंडो अभी भी खुली रहती है, लेकिन सब साल के लिए नहीं। आप साल बता दीजिए, हम देख कर बताते हैं कि क्या ऑप्शन बचा है।
हाँ। notice का नंबर और तारीख भेजिये — किस टाइप का है और क्या जवाब बनता है, वो हम देख कर बताते हैं।
और भी
Salary है, capital gains है, या business — इतना बता देना काफी है। हम बता देंगे कि कौन सा फॉर्म बनता है, क्या documents चाहिये और फीस कितनी लगेगी। इसके लिए कोई चार्ज नहीं।