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इनकम टैक्स · CBDT

ITR सिर्फ फाइल नहीं होती —
उसको बाद में डिफेंड भी करना पड़ता है।

return जल्दी भर देना आसान है। दिक्कत तब आती है जब AIS और return मैच नहीं करते, refund अटक जाता है, या दो साल बाद notice आता है। हम वही return बनाते हैं जो बाद में टिका रहे।

काम में क्या शामिल है

  • सही फॉर्म का चुनाव — ITR-1 से ITR-7
  • 26AS और AIS से हर एंट्री का मिलान
  • पुरानी और नई regime की तुलना
  • Capital gains और हाउस प्रॉपर्टी
  • Advance tax और self-assessment टैक्स
  • E-verification और refund tracking
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फीस

काम और फीस

फीस इनकम के प्रकार पर निर्भर करती है, इनकम की राशि पर नहीं। नीचे शुरुआती आंकड़े दिए गए हैं।

T1

सैलरी वाले और आसान केस

सैलरी, एक घर, ब्याज और सामान्य कटौती

  • Form 16 से return
  • कटौती का सही क्लेम
  • AIS और 26AS मिलान
  • filing और e-verification

₹499 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है

T1 के बारे में पूछिए
सबसे सामान्य
T2

कैपिटल गेन्स और कई तरह की इनकम

शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी, एक से ज़्यादा घर

  • T1 का पूरा स्कोप
  • कैपिटल गेन्स का कैलकुलेशन
  • एक से ज़्यादा प्रॉपर्टी
  • पुराने नुकसान का कैरी फॉरवर्ड
  • Regime की तुलना

₹2,500 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है

T2 के बारे में पूछिए
T3

Business और professional

Business, profession, freelance या F&O income

  • T2 का पूरा scope
  • Books या presumptive basis
  • Balance sheet और P&L की reporting
  • Partner या director की reporting
  • Advance tax का plan

₹5,000 से शुरू · + GST
Exact fee scope देखने के बाद fix होती है

T3 के बारे में पूछिए

इस page पर दी गयी जानकारी general information है, professional advice नहीं। Tax positions facts और उस वक्त के law पर depend करती हैं — अपने case के लिए हमसे बात कर लीजिए।

Department के पास अब पूरा data है

Salary, interest, dividend, share और property — सब AIS में पहले से दिखता है। return उससे match नहीं करेगा तो system खुद पकड़ लेता है।

Regime का फैसला हर case में अलग है

कौन सा regime बेहतर है, ये आपकी income और deductions देखे बिना नहीं कहा जा सकता। एक बार गलत चुनाव हो जाये तो business income वाले case में वापस बदलना आसान नहीं होता।

Scope

क्या-क्या cover होता है

आपकी income किस तरह की है, उसके हिसाब से form और काम दोनों बदल जाते हैं।

Salaried return

एक या कई employers, Form 16, HRA और deductions — सब जोड़कर सही form में।

Capital gains

Shares, mutual funds, property या unlisted shares — short term और long term अलग-अलग, holding period के साथ।

House property और rent

एक से ज़्यादा property, home loan interest, और let-out property का हिसाब।

Business और professional income

Books के हिसाब से या presumptive basis पर — दोनों option का असर समझा कर।

Freelancer और consultant

26AS में दिखने वाले TDS को income से मिलाना, और expenses का सही claim।

AIS और 26AS reconciliation

Return भरने से पहले हर entry मिलाना — यही step आगे चलकर ज़्यादातर notices रोक देता है।

Belated और revised return

पिछले साल का रह गया या गलती पकड़ी गई — जो window अभी खुली है उसमें काम।

Defective return का जवाब

Return file होने के बाद defective notice आया हो तो उसको ठीक करके दोबारा file करना।

Refund और rectification

Refund fail हुआ, adjust हो गया, या कम आया — उसका follow-up और rectification।

आम दिक्कतें

इन चीज़ों पर सबसे ज़्यादा सवाल आते हैं

ये वो चीज़ें हैं जिनके लिए लोग अक्सर filing के बाद आते हैं — और तब काम महंगा पड़ता है।

AIS में कुछ दिख रहा है जो return में नहीं

एक छोटा interest या dividend छूट जाए तो भी mismatch बन जाता है।

Refund अटक गया

Bank account validate नहीं है, या पुरानी demand से adjust हो गया।

TDS कटा लेकिन credit नहीं मिल रहा

Deductor ने return गलत भरा — जब तक वो ठीक नहीं करता, credit नहीं आता।

Regime गलत चुन लिया

Deductions थे लेकिन claim ही नहीं हुए, या business case में वापस switch करना मुश्किल हो गया।

F&O या crypto return में नहीं गया

ये दोनों अलग ट्रीटमेंट मांगते हैं, और एक्सचेंज का डेटा डिपार्टमेंट के पास पहले से है।

Filing के बाद notice आ गया

143(1) का एडजस्टमेंट हो या स्क्रूटनी — जवाब का अपना टाइम विंडो होता है।

प्रोसेस

कैसे चलता है

1

Documents

Form 16, बैंक और ब्रोकर स्टेटमेंट्स, और जो भी इनकम हो — एक लिस्ट हम भेज देते हैं।

2

Reconcile

AIS और 26AS से हर एंट्री मिलाते हैं, गैप पहले निकाल लेते हैं।

3

Review

फॉर्म, रिजीम और डिडक्शन — नंबर फाइनल करने से पहले आपको दिखाते हैं।

4

File

Filing, ई-वेरिफिकेशन और एकनॉलेजमेंट — कॉपी आपके पास रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरा कौन सा ITR फॉर्म बनता है?

ये आपकी इनकम के टाइप पर डिपेंड करता है — सिर्फ सैलरी है, या कैपिटल गेन्स, बिजनेस या फॉरेन एसेट भी है। आप अपनी इनकम की लिस्ट बता दीजिए, फॉर्म हम बता देंगे।

नया रिजीम लेना चाहिए या पुराना?

ये डिडक्शन और इनकम दोनों देख कर ही तय होता है — एक जैसा जवाब सब पर नहीं लगता। हम दोनों का कंपैरिजन बना कर आपको नंबर दिखाते हैं, फैसला आपका रहता है।

Refund कितने दिन में आ जाता है?

इसका टाइम डिपार्टमेंट के प्रोसेस पर है, हम कोई दिन नहीं बता सकते। इतना ज़रूर करते हैं कि बैंक अकाउंट वैलिडेट हो और return में कोई मिसमैच न रहे — refund यहीं अटकता है।

Documents क्या-क्या चाहिए?

Form 16, बैंक स्टेटमेंट, ब्रोकर और म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट, होम लोन सर्टिफिकेट, और इन्वेस्टमेंट प्रूफ। आपके केस के हिसाब से एक शॉर्ट लिस्ट हम WhatsApp पर भेज देते हैं।

पिछले साल का return रह गया है, अब हो सकता है?

कुछ विंडो अभी भी खुली रहती है, लेकिन सब साल के लिए नहीं। आप साल बता दीजिए, हम देख कर बताते हैं कि क्या ऑप्शन बचा है।

Filing के बाद notice आया है, आप देखते हैं?

हाँ। notice का नंबर और तारीख भेजिये — किस टाइप का है और क्या जवाब बनता है, वो हम देख कर बताते हैं।

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साल भर का काम एक प्लान में

अपनी income की लिस्ट भेज दीजिये

Salary है, capital gains है, या business — इतना बता देना काफी है। हम बता देंगे कि कौन सा फॉर्म बनता है, क्या documents चाहिये और फीस कितनी लगेगी। इसके लिए कोई चार्ज नहीं।

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AarzooCGA India असिस्टेंट · ऑनलाइन