छोटी या dormant company
काम नहीं चल रहा, सिर्फ filing चालू रखनी है
- सालाना accounts और सालाना return
- director KYC
- Board और AGM के रिकॉर्ड
- Filed कॉपी आपको
₹6,000 / साल से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का scope देखने के बाद तय की जाती है
company कानून · MCA / ROC
सबसे महंगी गलती यही है कि company बनवा कर छोड़ दी जाए। filing न होने पर penalty रोज़ के हिसाब से बढ़ती है, director पर भी असर आता है, और वो अपने आप खत्म नहीं होती।
काम में क्या शामिल है
फीस
नीचे हमारी प्रोफेशनल फीस दी गई है। ROC की सरकारी फीस और late filing का अतिरिक्त चार्ज अलग से लगेगा, जो पेंडिंग समय पर निर्भर करता है।
काम नहीं चल रहा, सिर्फ filing चालू रखनी है
₹6,000 / साल से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का scope देखने के बाद तय की जाती है
बिजनेस चल रहा है, सब समय पर चाहिए
₹12,000 / साल से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का scope देखने के बाद तय की जाती है
director, capital या address में बदलाव
₹25,000 / साल से शुरू · + GST
सटीक फीस scope देखने के बाद तय होती है
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है, professional सलाह नहीं। Tax की स्थिति तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती है — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
ROC की देरी पर असर दिन के हिसाब से लगता है। दो साल की पेंडिंग filing का खर्चा अक्सर तीन साल की फीस से ज़्यादा निकल आता है।
filing लंबे समय तक पेंडिंग रहें तो director की पोजीशन और DIN दोनों पर सवाल खड़ा हो जाता है।
Scope
company और LLP दोनों के लिए — साल का काम और बीच में होने वाले बदलाव।
Balance sheet और P&L ROC के पास, board रिपोर्ट के साथ।
Shareholding, director और company का पूरा रिकॉर्ड।
हर director की साल की KYC — miss होने पर DIN deactivate हो जाता है।
notice, minutes और attendance — record के साथ।
Members, director और charges के registers, जो inspection में मांगे जाते हैं।
Auditor का appointment और उसकी filing।
नया director, resignation, या registered office बदलना।
Capital बढ़ाना, share transfer और उसकी documentation।
company चलानी नहीं है तो सही तरीके से बंद या dormant कराना।
आम दिक्कतें
ये वो चीज़ें हैं जिनके लिए लोग अक्सर दो-तीन साल बाद आते हैं।
एक भी filing नहीं हुई और अब penalty का नंबर बड़ा हो चुका है।
KYC miss हुई, और अब कोई भी दूसरी filing हो ही नहीं रही।
उसकी अपनी filing होती है, और नया appointment record में आना चाहिए।
Due diligence या bank के वक़्त यही सबसे पहले मांगे जाते हैं।
Resignation हो गया लेकिन filing नहीं हुई — ज़िम्मेदारी कागज़ पर उन्हीं पर रहती है।
बिना filing क्लियर किए strike off की application नहीं जाती।
प्रक्रिया
MCA रिकॉर्ड से देखते हैं कि क्या पेंडिंग है और क्या रिस्क बनता है।
पुराने साल पहले, फिर करंट — प्रायोरिटी के साथ।
डॉक्यूमेंट्स, बोर्ड रिकॉर्ड्स और filing — एक के बाद एक।
आगे के साल का कैलेंडर और रिमाइंडर्स, ताकि दोबारा न फंसें।
हाँ। बिज़नेस चले या न चले, annual filing और director KYC चलती रहती हैं। यही सबसे आम और सबसे महंगी गलती है।
filing अब भी हो सकती है, एडिशनल फीस के साथ। पहले हम MCA रिकॉर्ड से देखते हैं कि क्या-क्या पेंडिंग है और कुल कितना बनेगा — नंबर सामने आने के बाद ही फैसला करना ठीक रहता है।
वो पेंडिंग पीरियड पर चलती है और MCA खुद कैलकुलेट करता है, इसलिए हम यहाँ कोई फिगर नहीं लिखते। आप CIN भेज दीजिए, हम निकाल कर बता देते हैं।
बंद करने से पहले भी पेंडिंग filing क्लियर करनी पड़ती हैं। कई बार company को dormant रखना बेहतर पड़ता है — हम दोनों का खर्चा आपको दिखा देते हैं।
हाँ, KYC filing से एक्टिवेट हो जाता है, एक एडिशनल फीस के साथ। उसके बाद ही बाकी filing हो पाती हैं।
हाँ। LLP की अपनी annual filing होती हैं और उनमें देर का असर भी रोज़ के हिसाब से बढ़ता है।
और भी
company का नाम या CIN — इतना काफी है। हम MCA record से देख कर बता देंगे कि क्या pending है, कितना खर्चा बनेगा और आगे का calendar क्या रहेगा। इसके लिए कोई charge नहीं।