सिर्फ इनकॉर्पोरेशन
company खड़ी करनी है, बाकी आप खुद देख लेंगे
- नाम की मंजूरी
- 2 director के DSC और DIN
- MOA और AOA की ड्राफ्टिंग
- SPICe+ filing, PAN और TAN
₹6,000 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है
company इनकॉर्पोरेशन · Companies Act, 2013
सर्टिफिकेट मिल जाना आसान हिस्सा है। उसके बाद बैंक अकाउंट, कैपिटल, commencement filing और पहली ROC return — यहीं पर ज़्यादातर नई companies फंस जाती हैं और penalty रोज़ के हिसाब से बढ़ती है।
काम में क्या शामिल है
फीस
नीचे दी गई फीस हमारी प्रोफेशनल फीस है। सरकारी फीस और स्टाम्प ड्यूटी अलग लगती है और राज्य के हिसाब से बदलती है।
company खड़ी करनी है, बाकी आप खुद देख लेंगे
₹6,000 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है
नई company जिसे पहले दिन से सब चाहिए
₹15,000 से शुरू · + GST
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद तय होती है
Founders जो compliance का झंझट नहीं चाहते
₹25,000 से शुरू · + GST
Exact fee scope देखने के बाद fix होती है
इस पेज पर दी गई जानकारी general information है, professional advice नहीं। Tax positions facts और उस वक्त के law पर depend करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
company की filings में देर का असर दिन के हिसाब से बढ़ता है, और वो अपने आप खत्म नहीं होता। नयी company में यही सबसे आम नुकसान है।
Shareholding, directors और objects — शुरुआत में सही लिखना आसान है, बाद में हर बदलाव एक अलग filing बनता है।
Scope
Incorporation से लेकर पहले साल के आखिर तक — पूरा रास्ता।
नाम का availability check और objects के साथ application — reject होने की सबसे आम वजह यहीं बनती है।
हर proposed director का digital signature और identification number।
Objects और internal rules — आपके असली business के हिसाब से लिखे गए, template copy-paste नहीं।
Incorporation के साथ PAN, TAN, EPFO, ESIC और bank account का एक ही form।
Address proof, NOC और वो documents जो ROC actually मांगता है।
Capital आने के बाद commencement filing — ये छूट जाए तो business legally शुरू ही नहीं माना जाता।
पहला auditor appointment, board meeting का record और statutory registers।
Shareholders को certificate, और state के हिसाब से stamp duty।
Annual accounts और annual return, और directors की KYC।
आम दिक्कतें
ये वो चीज़ें हैं जो नए founders को बाद में पता चलती हैं।
मिलता-जुलता नाम या trademark से clash — पहले search कर लेना सस्ता पड़ता है।
Documents का set पूरा नहीं है या address proof match नहीं कर रहा।
Subscription money जमा किए बिना commencement filing नहीं हो सकती।
काम शुरू हो गया लेकिन filing नहीं हुई — इसका असर director पर भी आता है।
DIN deactivate हो जाता है और बाकी हर filing रुक जाती है।
दोनों की compliance और cost अलग है — गलत चुनाव बाद में convert करना महंगा है।
Process
Business, founders और shareholding — पहले structure तय करते हैं।
ID, address और office proof की एक clear list।
Name approval से SPICe+ तक, status आपको update होता रहता है।
Certificate, PAN, TAN, registers और आगे का compliance calendar।
Private limited के लिए कम से कम दो shareholders और दो director होते हैं, और एक ही व्यक्ति दोनों roles में हो सकता है। अगर आप अकेले हैं तो दूसरे structures भी हैं — बात करके तय कर लेते हैं।
Rented या family का address भी चलता है, बस NOC और utility bill जैसा proof चाहिए होता है। आप बता दीजिए क्या available है, हम उसके हिसाब से list भेज देंगे।
ये documents और ROC के process पर depend करता है, इसलिए हम कोई दिन नहीं बताते। इतना ज़रूर है कि documents पूरे होने पर काम उसी दिन शुरू हो जाता है और status आपको मिलता रहता है।
वो authorised capital और state की stamp duty पर चलती है, इसलिए ऊपर दी गयी fees में शामिल नहीं है। आपका state और capital बता दीजिए — exact figure हम निकाल कर दे देंगे।
ये funding की सोच, compliance का बोझ और cost — तीनों पर depend करता है। हमने इसका अलग comparison लिखा है, और आपके case पर बात भी कर सकते हैं।
हाँ। business चले या न चले, annual filing और director KYC चलती रहती हैं, और न करने पर penalty जुड़ती रहती है। अगर ऐसी company है तो उसको ठीक करने का भी रास्ता है।
और भी
क्या काम करना है, कितने founders हैं और किस राज्य में — इतना काफी है। हम बता देंगे कि Pvt Ltd ठीक रहेगा या कुछ और, और कुल कितना खर्च आएगा। इसके लिए कोई charge नहीं।