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केंद्र की स्कीम · Startup funding

NIDHI-SSS ₹1 Crore तक की बड़ी सीड सहायता (Debt / Equity-linked)

उन स्टार्टअप्स के लिए जो शुरुआती सीड फंड से आगे बढ़ चुके हैं, NIDHI-SSS के ज़रिए इनक्यूबेटर्स ₹1 crore तक की सहायता दे सकते हैं। यह सहायता debt, कनवर्टिबल या इक्विटी के रूप में होती है।

इस स्कीम में क्या मिलता है

  • बिजनेस बढ़ाने, मैन्युफैक्चरिंग ट्रायल और कमर्शियलाइजेशन के लिए बड़ी सीड सहायता
  • Debt, कनवर्टिबल डिबेंचर या इक्विटी-लिंक्ड स्ट्रक्चर
  • इनक्यूबेटर द्वारा निगरानी की जाने वाली माइलस्टोन-आधारित किश्तें
₹1 Crore तकखास तौर पर काबिल स्टार्टअप्स के लिए
Loan / Equity से जुड़ाSupport किस तरह का है
3–5 महीनेलगने वाला कुल समय

Amount

कितना मिलेगा

यह higher support traction वाले startups के लिए है। साथ में Seed Fund Scheme का comparison भी दिया है।

ComponentAmount / limit
NIDHI-SSS higher supportUp to ₹1 crore (exceptional cases)
Startup India Seed Fund Scheme (alternative) – grantUp to ₹20 lakh for PoC, prototype, product trials
Startup India Seed Fund Scheme – debt / convertibleUp to ₹50 lakh for market entry, commercialisation, scaling
ModeDebt, convertible debentures or equity-linked
Nature of supportLoan / Equity-linked
LevelCentral
Implemented byDST (NSTEDB) through approved incubators

सपोर्ट किस चीज़ के लिए मिलता है

पात्रता

कौन अप्लाई कर सकता है

  • NIDHI-SSS की सभी शर्तें: भारतीय company, 51% भारतीय promoter होल्डिंग, DST-सपोर्टेड TBI में इनक्यूबेटेड।
  • तैयार प्रोडक्ट, शुरुआती ग्राहक या मजबूत टेक्निकल वैलिडेशन।
  • कमिटी को मंजूर होने वाला स्पष्ट रीपेमेंट या कन्वर्जन प्लान।

भूमिकाएं

कौन क्या करता है

आपट्रैक्शन डेटा, मैनेजमेंट प्रेजेंटेशन।
CGAडेट-सर्विसिंग या कन्वर्जन मॉडल, वैल्यूएशन कोऑर्डिनेशन, एप्लीकेशन, CCD/शेयर डॉक्यूमेंटेशन और ROC filing।
इनक्यूबेटर कमिटीमूल्यांकन, मंजूरी और निगरानी।
DPIIT एक्सपर्ट्स एडवाइजरी कमिटीSISFS की देखरेख करती है; इनक्यूबेटर्स स्टार्टअप्स चुनते हैं।

सही समय

कब अप्लाई करें

CGA का प्रोसेस

हम इसे कैसे हैंडल करते हैं

1

ट्रैक्शन रिव्यू

हम चेक करते हैं कि क्या आपके आंकड़े सामान्य लिमिट से ज्यादा फंड लेने के लिए सही हैं।

2

Debt-servicing मॉडल

Cash-flow और रीपेमेंट मॉडल, या CCDs के लिए कन्वर्जन सिनेरियो।

3

कमेटी filing

आपके इनक्यूबेटर के ज़रिए application, डेक और माइलस्टोन प्लान।

4

डॉक्यूमेंटेशन

लोन/CCD एग्रीमेंट रिव्यू, बोर्ड रेजोल्यूशन और ROC filing (जहां PAS/SH-7/MGT-14 लागू हो)।

स्टेप-बाय-स्टेप

application का पूरा प्रोसेस

  1. कन्फर्म करें कि आपके स्टेज के लिए NIDHI-SSS बेहतर है या SISFS।
  2. ऑडिटेड/प्रोविज़नल फाइनेंशियल्स, MIS और ट्रैक्शन प्रूफ तैयार करें।
  3. रीपेमेंट (कर्ज) या कन्वर्जन (CCD) मॉडल बनाएं।
  4. अपने इनक्यूबेटर (NIDHI) या seedfund.startupindia.gov.in के ज़रिए 3 इनक्यूबेटर्स (SISFS) चुनकर अप्लाई करें।
  5. इनक्यूबेटर कमेटी के सामने पिच करें।
  6. इंस्ट्रूमेंट की शर्तें फाइनल करें; CCD/इक्विटी होने पर वैल्यूएशन रिपोर्ट।
  7. बोर्ड और शेयरहोल्डर रेजोल्यूशन पास करें, एग्रीमेंट साइन करें और ज़रूरत के अनुसार PAS-3/MGT-14 फाइल करें।
  8. माइलस्टोन के आधार पर किश्तों में फंड प्राप्त करें।

टाइमलाइन

हर स्टेज में कितना टाइम लगता है

स्टेजसामान्य समयकौन करता है
स्टेज और स्कीम का असेसमेंट1 हफ्ताCGA
फाइनेंशियल मॉडल और application2 से 3 हफ्तेCGA
Incubator इवैल्यूएशन और पिच3 से 8 हफ्तेIncubator
Valuation और कानूनी दस्तावेज2 से 4 हफ्तेCGA + valuer
पहली किस्त का भुगतानडॉक्यूमेंटेशन के 2 से 4 हफ्ते बादIncubator

कुल समय: पहली किस्त मिलने में आमतौर पर 3 से 5 महीने।

यह सामान्य समय सीमा है। कमेटी मीटिंग की तारीखों, कॉल विंडो और सवालों के जवाबों के आधार पर समय कम या ज्यादा हो सकता है।

दस्तावेज

कौन से दस्तावेज चाहिए

  • स्टैंडर्ड सीड सपोर्ट के लिए जरूरी सभी चीजें
  • Audit किए हुए या प्रोविजनल फाइनेंशियल्स और MIS
  • Traction के सबूत: ऑर्डर्स, पायलट्स, LOIs
  • Cap table और पुराने इन्वेस्टर एग्रीमेंट्स

खर्च

फीस और खर्चा

  • कोई सरकारी एप्लीकेशन फीस नहीं।
  • CCD/इक्विटी के लिए रजिस्टर्ड valuer की फीस।
  • अलॉटमेंट पर स्टैम्प ड्यूटी और ROC फीस।

अप्रूवल के बाद

Approval के बाद क्या करना होता है

  • Milestone रिपोर्ट और utilisation सर्टिफिकेट।
  • ब्याज और मूलधन का भुगतान, या तय शर्तों पर कन्वर्जन।
  • डिबेंचर/शेयरों का सालाना ROC डिस्क्लोजर।
  • इन्क्यूबेटर के लिए इन्वेस्टर जैसे इन्फॉर्मेशन राइट्स।

इनसे बचें

Application रिजेक्ट क्यों होती है

  • बिना ट्रैक्शन के ज्यादा फंड मांगना।
  • फंड के इस्तेमाल का साफ प्लान न होना।
  • उलझा हुआ कैप टेबल या पेंडिंग ROC कंप्लायंस।
  • SISFS: 2 साल से पुरानी company, या किसी और सरकारी स्कीम से ₹10 लाख से ज्यादा मिल चुके हों।

जरूरी

Apply करने से पहले यह जान लीजिए

₹25 लाख से ऊपर की राशि खास मामलों में मिलती है, यह रूटीन नहीं है।

कन्वर्टिबल और इक्विटी रूट के लिए सही ROC कंप्लायंस और वैल्यूएशन जरूरी है; हम दोनों संभालते हैं।

Startup India Seed Fund Scheme से भी तुलना करें, जो कन्वर्टिबल डिबेंचर या कर्ज के जरिए ₹50 लाख तक देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह ग्रांट है?

नहीं। ज्यादा सपोर्ट कर्ज या इक्विटी-लिंक्ड इन्वेस्टमेंट के रूप में होता है और इसे चुकाना या कन्वर्ट करना पड़ता है।

क्या मैं NIDHI-SSS और Startup India Seed Fund दोनों के लिए apply कर सकता हूँ?

आमतौर पर एक ही समय पर एक ही काम के लिए नहीं। हम आपको सही विकल्प चुनने में मदद करते हैं।

क्या SISFS का पैसा ग्रांट है?

PoC हिस्सा (₹20 लाख तक) ग्रांट है; ₹50 लाख वाला हिस्सा कर्ज या कन्वर्टिबल है।

क्या कन्वर्जन से फाउंडर्स की हिस्सेदारी कम होती है?

हाँ, CCD कन्वर्जन से शेयर जारी होते हैं। पैसा लेने से पहले हम हिस्सेदारी पर असर का मॉडल तैयार करते हैं।

और भी

संबंधित schemes

सभी Startup India schemes

स्टेज के हिसाब से कौन सी scheme फिट है

Startup India Certificate

Govt fee: Nil, recognition

NIDHI-SSS Seed Support (₹25 Lakh)

₹25 Lakh तक, loan / equity-linked

CGA eligibility review, documentation, filing और compliance support देता है। Recognition, grant, loan या certificate का sanction सिर्फ संबंधित मंत्रालय, राज्य विभाग या incubator करता है; CGA approval या amount की गारंटी नहीं देता। Scheme की सीमाएं आधिकारिक गाइडलाइन्स के हिसाब से बदल सकती हैं।

क्या NIDHI-SSS Higher Support (up to ₹1 Crore) आप पर लागू होती है?

company का टाइप, incorporation date, राज्य और प्रोडक्ट बता दीजिए। हम बता देंगे कि यह scheme फिट है या कोई और बेहतर रहेगी। इसके लिए कोई चार्ज नहीं।

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AarzooCGA India असिस्टेंट · ऑनलाइन