मंथली बुक्स
छोटे और मध्यम बिजनेस
- सभी एंट्री और बैंक रिकॉन्सिलिएशन
- GST डेटा से मिलान
- मंथली समरी रिपोर्ट
- WhatsApp पर क्वेरी सपोर्ट
काम देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का दायरा देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
अकाउंटिंग · मंथली बुक्स
हिसाब समय पर हो तो GST, TDS, ITR और लोन — सब आसान हो जाता है। हम आपकी बुक्स हर महीने लिखते हैं, रिकंसाइल करते हैं और एक साफ़ रिपोर्ट देते हैं।
काम में क्या शामिल है
फीस
फीस हर महीने की एंट्री, बैंक अकाउंट और GSTIN की संख्या पर निर्भर करती है। एक महीने का डेटा देखकर मंथली फीस तय कर दी जाती है।
छोटे और मध्यम बिजनेस
काम देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का दायरा देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
जो डेटा और नंबर के आधार पर फैसले लेना चाहते हैं
काम का स्कोप देखकर फिक्स्ड फीस
सही फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
जिनकी बुक्स महीनों से पेंडिंग हैं
काम का स्कोप देखकर फिक्स्ड फीस
सही फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। राय तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती है — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
Tally, TallyPrime, Zoho Books, Busy या Excel — हम आपके सिस्टम पर काम करते हैं। डेटा आपके पास रहता है।
जो टीम बुक्स लिखती है वही GST, TDS और ITR देखती है, इसलिए मिसमैच और लेट फीस दोनों कम होते हैं।
स्कोप
छोटी दुकान से लेकर मल्टी-लोकेशन company तक — स्कोप ज़रूरत के हिसाब से।
सेल्स, परचेज़, खर्चे और जर्नल — बिल और बैंक स्टेटमेंट से।
हर अकाउंट का महीने के अंत में मिलान और अनएक्सप्लेंड एंट्रीज़ की लिस्ट।
बुक्स बनाम GSTR-1, GSTR-3B और GSTR-2B — ITC का सही क्लेम।
स्टॉक रजिस्टर, गोदाम के हिसाब से स्टॉक और वैल्यूएशन।
सैलरी, PF, ESI और TDS की एंट्रीज़।
एसेट रजिस्टर और डेप्रिसिएशन — Companies Act और इनकम टैक्स दोनों के हिसाब से।
मंथली P&L, कैश-फ्लो, एजिंग और बजट बनाम एक्चुअल।
बैलेंस शीट, P&L और शेड्यूल्स — audit और ITR के लिए।
नए सॉफ्टवेयर में company, लेजर्स और GST सेटिंग्स का सेटअप।
ये बातें पहले से जान लीजिए
एक ही अकाउंट से घर और बिज़नेस के खर्चे — ITR और लोन दोनों में दिक्कत।
कैश बुक अपडेट नहीं तो कैश बैलेंस नेगेटिव या बहुत ज़्यादा — दोनों notice का कारण।
12 महीने का काम एक महीने में करने का मतलब है गलतियां और छूटा हुआ ITC।
प्रक्रिया
Business, सॉफ्टवेयर और मौजूदा हिसाब-किताब की स्थिति।
चेकलिस्ट, डेटा भेजने का तरीका और मंथली शेड्यूल।
एंट्रीज़, रिकंसिलिएशन और रिपोर्ट हर महीने तय तारीख पर।
फाइनल अकाउंट्स, audit सपोर्ट और ITR।
दस्तावेज़
बुककीपिंग के लिए: यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
बिल की फोटो या PDF, बैंक स्टेटमेंट और सेल्स डाटा — WhatsApp, email या शेयर्ड फोल्डर से। हम एक आसान चेकलिस्ट देते हैं।
ज्यादातर काम ऑनलाइन होता है। दिल्ली और सफीदों के आस-पास जरूरत पड़ने पर विजिट भी हो सकता है।
हाँ। पहले बैंक स्टेटमेंट और GST return से स्ट्रक्चर बनाते हैं, फिर एंट्रीज पूरी करते हैं।
यह बिजनेस के साइज और टीम पर निर्भर करता है। छोटे बिजनेस के लिए TallyPrime या Zoho Books दोनों चलते हैं — हम पहले समझा देते हैं।
हाँ। एक्सेस केवल सीमित टीम के पास रहता है और एंगेजमेंट लेटर में गोपनीयता की बात लिखी होती है।
और भी
कितने महीने का काम पेंडिंग है और कौन सा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं — बस इतना भेजिए, हम प्लान और टाइमलाइन बता देंगे।