लागू होना + रिकॉर्ड्स
मैन्युफैक्चरर्स जहाँ नियम लागू होते हैं
- नियमों के हिसाब से एप्लीकेबिलिटी
- कॉस्ट रिकॉर्ड्स का सेटअप
- प्रोडक्ट के अनुसार कॉस्ट स्टेटमेंट्स
- सालाना अपडेट
स्कोप देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
Cost Accounting · CMA
Cost records और cost audit कानून की ज़रूरत भी हैं और बिजनेस का सबसे उपयोगी टूल भी। Cost Accountants (CMA) से कंप्लायंस के साथ-साथ प्राइसिंग और मार्जिन की साफ़ तस्वीर।
काम में क्या शामिल है
फीस
फीस प्रोडक्ट्स की संख्या, प्लांट और रिकॉर्ड्स की स्थिति पर निर्भर करती है — स्कोप देखकर लिखित में।
मैन्युफैक्चरर्स जहाँ नियम लागू होते हैं
स्कोप देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
Turnover limit पार करने वाली companies
काम देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
हर बिज़नेस जो मार्जिन समझना चाहता है
काम देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। कानूनी स्थिति तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती है — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
Companies (Cost Records and Audit) Rules, 2014 में लिस्टेड प्रोडक्ट्स बनाने वाली companies पर turnover limit के ऊपर cost records और audit लागू होता है। इसे इग्नोर करने पर penalty हो सकती है।
कौनसा प्रोडक्ट पैसा बनाता है और कौनसा नुकसान करता है — यह cost sheet से ही पता चलता है।
Scope
सीमाएं company के कुल turnover और product के हिसाब से तय होती हैं — हम मौजूदा नियमों के अनुसार इसकी पुष्टि करते हैं।
Listed products बनाने वाली company का turnover ₹35 crore या उससे ज़्यादा हो तो records रखने होते हैं।
कुल turnover ₹50 crore और product turnover ₹25 crore या उससे ज़्यादा।
कुल turnover ₹100 crore और product turnover ₹35 crore या उससे ज़्यादा।
Cost auditor की नियुक्ति — board meeting के 30 दिन या साल शुरू होने के 180 दिन के अंदर, जो भी पहले हो।
Cost auditor की रिपोर्ट board को।
रिपोर्ट मिलने के 30 दिन के अंदर MCA पर filing।
Material, labour और overheads का product-wise हिसाब।
Stock की सही valuation — books, bank और tax के लिए।
Wastage, yield और process का विश्लेषण।
ये बातें पहले से जान लीजिए
कुछ companies — जैसे export का बड़ा हिस्सा या कुछ zones की units — को exemption मिल सकता है। चेक ज़रूर करें।
Cost auditor statutory auditor नहीं हो सकता।
कॉस्ट रिकॉर्ड्स साल के अंत में नहीं, पूरे साल मेंटेन करने होते हैं।
प्रक्रिया
प्रोडक्ट्स, टर्नओवर और लागू होने वाले नियम।
रिकॉर्ड्स का फॉर्मेट और डेटा फ्लो।
रिकॉर्ड्स की चेकिंग और रिपोर्ट।
CRA फॉर्म्स और मैनेजमेंट रिपोर्ट।
दस्तावेज
कॉस्ट रिकॉर्ड्स / audit के लिए: यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
आपका प्रोडक्ट नियमों में लिस्टेड है या नहीं और कुल और प्रोडक्ट टर्नओवर कितना है — इन तीन बातों से तय होता है। हम यह चेक फ्री में करते हैं।
Statutory audit फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स का होता है। cost audit प्रोडक्ट-वाइज कॉस्ट रिकॉर्ड्स का — दोनों अलग ऑडिटर्स करते हैं।
यह एडिशनल फीस के साथ फाइल होता है और penalty का रिस्क रहता है — जल्दी filing करना बेहतर है।
कानून के तहत नहीं, लेकिन प्राइसिंग और मार्जिन समझने के लिए यह बहुत काम की है।
हाँ। कॉस्टिंग, GST और अकाउंट्स एक ही फर्म में होने से डेटा सही रहता है।
और भी
प्रोडक्ट और पिछले साल का टर्नओवर बताइए — हम चेक करके बता देंगे कि यह लागू होता है या नहीं।