प्रोजेक्ट रिपोर्ट
नया यूनिट या विस्तार
- प्रोजेक्ट की लागत और फाइनेंस के साधन
- 5-7 साल के प्रोजेक्शन
- DSCR, ब्रेक-ईवन और सेंसिटिविटी
- बैंक के लिए तैयार रिपोर्ट
काम का दायरा देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का दायरा देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
बैंक फाइनेंस · प्रोजेक्ट रिपोर्ट और CMA डेटा
बैंक सिर्फ आपका आइडिया नहीं, आपके नंबर्स देखता है। हम रियलिस्टिक प्रोजेक्शन, CMA डेटा और साफ़ प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाते हैं जो बैंक के फॉर्मेट और क्रेडिट नियमों के हिसाब से हो।
काम में क्या शामिल है
फीस
फीस लोन के प्रकार, अमाउंट और प्रोजेक्शन की जटिलता पर निर्भर करती है। जरूरत को समझकर फीस पहले ही बता दी जाती है।
नया यूनिट या विस्तार
काम का दायरा देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का दायरा देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
CC/OD लिमिट — नया या रिन्यूअल
काम का दायरा देखकर फिक्स्ड कोटेशन
सटीक फीस काम का दायरा देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
Mudra, PMEGP, स्टैंड-अप और सब्सिडी से जुड़े लोन
काम का दायरा देखकर फिक्स्ड कोटेशन
सटीक फीस काम का दायरा देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। स्थितियां तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
बहुत ज्यादा प्रॉफिट दिखाना रिपोर्ट को कमजोर बनाता है। बैंक वास्तविक आंकड़े पसंद करता है — हम पुराने डेटा और इंडस्ट्री के नियमों के हिसाब से अनुमान तैयार करते हैं।
लोन सैंक्शन होने के बाद स्टॉक स्टेटमेंट, रिन्यूअल और CMA अपडेट — सब एक ही टीम के पास।
दायरा
हर लोन का फॉर्मेट अलग होता है — बैंक और स्कीम के हिसाब से।
मशीनरी, बिल्डिंग या विस्तार के लिए — प्रोजेक्ट रिपोर्ट और DSCR।
CC/OD limit — CMA data और स्टॉक-डेटर्स का हिसाब।
Shishu, Kishor, Tarun कैटेगरी के हिसाब से आसान रिपोर्ट।
नई माइक्रो यूनिट के लिए मार्जिन मनी सब्सिडी वाली स्कीम की प्रोजेक्ट रिपोर्ट।
SC/ST और महिला उद्यमियों के ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिए।
बिना गारंटी वाले लोन के लिए क्रेडिट गारंटी की योग्यता।
मौजूदा लिमिट बढ़वाने के लिए अपडेटेड CMA और जरूरी दस्तावेज।
दूसरे बैंक में लोन शिफ्ट करने के लिए फाइनेंशियल्स और रिपोर्ट।
जहाँ फाइनेंशियल प्रोजेक्शन या नेट वर्थ दिखानी हो।
ये बातें पहले से जान लीजिये
रिपोर्ट में टर्नओवर बहुत ज्यादा और ITR में कम — बैंक तुरंत पकड़ लेता है।
प्रोजेक्ट की लागत का एक हिस्सा आपको खुद लगाना होता है — इसका सोर्स साफ होना चाहिए।
लो स्कोर पर रिपोर्ट कितनी भी अच्छी हो, लोन अटक सकता है — पहले चेक करिए।
प्रक्रिया
लोन का प्रकार, राशि, बैंक और आपका बिजनेस।
पुराने ITR, फाइनेंशियल्स, कोटेशन और KYC।
प्रोजेक्शन, CMA और रिपोर्ट — आपके रिव्यू के साथ।
सबमिशन सपोर्ट और बैंक की क्वेरीज।
दस्तावेज
लोन फाइल के लिए: यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ जरूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
Credit Monitoring Arrangement data बैंक का एक स्टैंडर्ड फॉर्मेट है जिसमें पिछले और आने वाले सालों के financials, working capital और ratios होते हैं। CC/OD limit के लिए ज़्यादातर बैंक इसे मांगते हैं।
डाटा मिल जाने पर आमतौर पर कुछ वर्किंग डेज। सरकारी स्कीम के लोन में फॉर्मेट आसान होता है।
Loan sanction सिर्फ बैंक करता है। हम रिपोर्ट, दस्तावेज़ और सवालों के जवाब देने में पूरी मदद करते हैं, लेकिन sanction की गारंटी कोई नहीं दे सकता।
नई यूनिट के लिए project report अनुमानित आंकड़ों पर ही बनती है — कोटेशन, मार्केट डाटा और आपके अनुभव के आधार पर।
कैटेगरी और इलाके (शहरी/ग्रामीण) के हिसाब से सब्सिडी project cost का एक हिस्सा होती है। आपके केस में हम पहले योग्यता चेक करते हैं।
और भी
Loan का प्रकार, रकम और business बताइए — हम दस्तावेज़ों की लिस्ट और रिपोर्ट का प्लान भेज देंगे।