तेज़। सटीक। बिना किसी परेशानी के।

audit और एश्योरेंस · चार्टर्ड अकाउंटेंट्स

audit सिर्फ फॉर्मेलिटी नहीं — ये आपके नंबर्स का हेल्थ चेक है।

Tax audit की डेडलाइन हो, company का स्टैच्यूटरी audit हो या बैंक का स्टॉक audit — सही वर्किंग पेपर्स, समय पर रिपोर्ट और साफ़ ऑब्जर्वेशन, ताकि audit के बाद notice का डर न रहे।

काम में क्या शामिल है

  • Tax audit रिपोर्ट (Form 3CA/3CB + 3CD)
  • company statutory audit और CARO रिपोर्टिंग
  • Internal audit और प्रोसेस रिव्यू
  • Stock audit बैंक के लिए
  • GST और बुक्स का रिकॉन्सिलिएशन
  • मैनेजमेंट लेटर — क्या सुधारना है
2,500+पूरे भारत में client
20+प्रोफेशनल्स और स्टाफ
CA · CS · CMA · Advocateएक ही फर्म में

फीस

काम और फीस

audit फीस टर्नओवर, ट्रांजेक्शन की संख्या और बुक्स की हालत पर निर्भर करती है। काम का दायरा देखकर फीस पहले ही लिखित में तय कर दी जाती है।

सबसे सामान्य
A1

टैक्स audit

बिजनेस या प्रोफेशन जहाँ audit लिमिट पार हो गई हो

  • बुक्स और वाउचर की चेकिंग
  • Form 3CD के सभी क्लॉज
  • GST, TDS और ITR से मिलान
  • रिपोर्ट का ऑनलाइन अपलोड

काम का दायरा देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का दायरा देखने के बाद लिखित में तय होती है

A1 के बारे में पूछें
A2

स्टैच्यूटरी audit

प्राइवेट लिमिटेड और OPC company

  • Companies Act के तहत audit
  • CARO reporting जहाँ लागू हो
  • Financial statements का review
  • ROC filing के लिए signed report

Scope देख कर fixed quote
सटीक फीस काम का scope देखने के बाद लिखित में तय होती है

A2 के बारे में पूछिए
A3

Internal / stock audit

बढ़ते business और bank borrowers

  • Purchase, sales और payment process review
  • Stock verification और valuation
  • Leakage और control gaps की report
  • Bank format में stock audit report

Scope देख कर fixed quote
सटीक फीस काम का scope देखने के बाद लिखित में तय होती है

A3 के बारे में पूछिए

इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है, professional advice नहीं। Positions तथ्यों और उस वक्त के कानून पर निर्भर करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।

audit से पहले cleanup

audit के वक्त गलतियां मिलना महंगा पड़ता है। हम पहले books, GST और TDS का reconciliation करवाते हैं, ताकि report में qualification की नौबत न आए।

report जो notice से बचाए

Form 3CD के clauses विभाग के डेटा से मैच होते हैं। Mismatch ही आगे चलकर notice बनता है — इसलिए हर figure cross-check होता है।

Scope

कौनसा audit, कब लगता है

Limits और rules हर साल बदल सकते हैं — अपने केस के लिए current limit हम confirm करते हैं।

Tax audit — बिजनेस

Turnover ₹1 crore से ज़्यादा हो तो audit लगता है। अगर cash receipts और payments दोनों 5% के अंदर हैं तो limit ₹10 crore तक जाती है।

Tax audit — प्रोफेशन

Doctors, architects, consultants जैसे professionals के लिए gross receipts ₹50 lakh से ज़्यादा (cash 5% के अंदर हो तो ₹75 lakh) पर audit लगता है।

Presumptive से बाहर

Presumptive scheme में कम profit दिखाने और income limit से ऊपर होने पर भी audit लग सकता है।

Company statutory audit

हर company का audit ज़रूरी है — turnover चाहे zero हो। पहला auditor 30 दिन के अंदर board appoint करता है।

LLP audit

LLP का audit तब लगता है जब turnover ₹40 lakh या contribution ₹25 lakh से ज़्यादा हो।

Stock audit

Bank CC/OD limit के खिलाफ stock statement की verification — bank के format और timeline में।

Internal audit

कुछ companies के लिए mandatory, बाकी के लिए leakage और fraud पकड़ने का सबसे सस्ता तरीका।

Trust और NGO audit

12AB registered trusts के लिए Form 10B / 10BB audit — ITR से पहले।

Society और co-operative

State के नियमों के हिसाब से audit और registrar को filing।

ये बातें पहले से जान लीजिए

Audit के साथ ये गलतियां न करें

Deadline के आखिरी दिन

Last week में audit करवाना मतलब जल्दबाज़ी। Penalty turnover का 0.5% (max ₹1.5 lakh) तक हो सकती है।

GST और books अलग-अलग

GSTR-3B, GSTR-1 और books में फर्क audit report में दिखता है — पहले reconcile करिए।

Cash transactions

₹10,000 से ज़्यादा कैश खर्च और ₹20,000 से ज़्यादा कैश लोन की जानकारी अलग से रिपोर्ट की जाती है।

प्रक्रिया

यह कैसे काम करता है

1

काम का दायरा

टर्नओवर और एंटिटी देखकर कौन सा audit कब तक होगा — इसकी लिखित जानकारी।

2

डेटा

बुक्स, बैंक स्टेटमेंट्स, GST और TDS डेटा एक चेकलिस्ट के हिसाब से।

3

audit

टेस्टिंग, रिकॉन्सिलिएशन और सवाल-जवाब — आपके साथ बैठकर।

4

रिपोर्ट

साइन की हुई रिपोर्ट, UDIN और portal पर अपलोड, डेडलाइन से पहले।

दस्तावेज़

कौन से दस्तावेज़ चाहिए

audit के लिए: यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।

बुक्स और रिकॉर्ड्स

  • टैली / सॉफ्टवेयर डेटा या बुक्स ऑफ अकाउंट्स
  • सभी बैंक स्टेटमेंट्स और लोन स्टेटमेंट्स
  • फिक्स्ड एसेट्स रजिस्टर
  • स्टॉक रिकॉर्ड्स और क्लोजिंग स्टॉक वैल्यूएशन

कंप्लायंस रिकॉर्ड्स

  • GST और TDS returns
  • पिछले साल की audit रिपोर्ट
  • डेटर्स, क्रेडिटर्स और लोन की कन्फर्मेशन

company audit में और भी

  • बोर्ड मिनट्स और स्टैच्यूटरी रजिस्टर्स
  • Related party transactions की लिस्ट

Documents WhatsApp पर भेजिए

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Tax audit की due date क्या है?

आमतौर पर tax audit report assessment year की 30 September तक अपलोड करनी होती है, और ITR 31 October तक। सरकार कभी-कभी तारीख बढ़ाती है — हम ताज़ा तारीख कन्फर्म करते हैं।

मेरा टर्नओवर ₹1 करोड़ से कम है, फिर भी audit लगेगा?

अगर आप presumptive scheme में हैं और उससे कम प्रॉफिट दिखाते हैं और इनकम बेसिक लिमिट से ऊपर है, तो audit लग सकता है। केस देखकर बताते हैं।

Company का टर्नओवर जीरो है, audit ज़रूरी है?

हाँ। Companies Act के तहत हर company का statutory audit और annual filing ज़रूरी है, चाहे बिज़नेस हो या न हो।

Audit report में गलती हो गई, क्या रिवाइज हो सकती है?

कुछ स्थितियों में revised report अपलोड की जा सकती है। पहले गलती की वजह देखते हैं, फिर रास्ता बताते हैं।

Stock audit कितने समय में होता है?

यह स्टॉक की जगह और सामान पर निर्भर करता है, ज़्यादातर मामलों में कुछ दिन लगते हैं। बैंक की डेडलाइन देखकर प्लान करते हैं।

और भी

संबंधित सेवाएँ

Accounting & Bookkeeping

Audit से पहले साफ़ बुक्स

ITR Filing

Audit के बाद return

Cost Audit & Records

CMA का काम, इसी firm में

Audit की डेडलाइन आ रही है?

बिज़नेस का प्रकार और पिछले साल का टर्नओवर भेजिए — हम बताएंगे कौन सा audit लगेगा और कब तक क्या चाहिए। इसके लिए कोई चार्ज नहीं है।

WhatsApp पर बात करिए
AAarzoo से पूछिए
A
AarzooCGA India असिस्टेंट · ऑनलाइन