स्टैंडर्ड एग्रीमेंट
किराया, NDA, साधारण सर्विस
- आपके तथ्यों के आधार पर ड्राफ्ट
- एक रिवीजन राउंड
- स्टाम्प ड्यूटी की सलाह
- एग्जीक्यूशन चेकलिस्ट
काम का दायरा देखकर फिक्स्ड कोट
फोरम, स्टेज और सुनवाई के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
कॉन्ट्रैक्ट्स · ड्राफ्टिंग और वेटिंग
ज़्यादातर बिज़नेस विवाद कमज़ोर या अधूरे एग्रीमेंट से शुरू होते हैं। हम आपकी डील के हिसाब से एग्रीमेंट लिखते या रिव्यू करते हैं — पेमेंट, लायबिलिटी, एग्जिट और विवाद सुलझाने के क्लॉज के साथ।
काम में क्या शामिल है
काम
फीस एग्रीमेंट की जटिलता और बातचीत के दौर पर निर्भर करती है — पहले लिखित में तय होती है।
किराया, NDA, साधारण सर्विस
काम का दायरा देखकर फिक्स्ड कोट
फोरम, स्टेज और सुनवाई के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
वेंडर, डिस्ट्रीब्यूशन, फ्रेंचाइजी, एम्प्लॉयमेंट
स्कोप देखकर फिक्स्ड कोट
फोरम, स्टेज और हीयरिंग के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
शेयरहोल्डर्स, फाउंडर्स, इन्वेस्टमेंट
स्कोप देखकर फिक्स्ड कोट
फोरम, स्टेज और हीयरिंग के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
Bar Council of India के नियमों के अनुसार यह पेज सिर्फ जानकारी के लिए है; इसे एडवरटाइजमेंट या सॉलिसिटेशन न समझा जाए। हर मैटर के फैक्ट्स अलग होते हैं — किसी भी रिजल्ट की गारंटी नहीं दी जाती।
इंटरनेट का टेम्पलेट आपकी डील के रिस्क नहीं जानता। एक मिसिंग क्लॉज — जैसे लेट पेमेंट इंटरेस्ट या टर्मिनेशन — बाद में लाखों का फर्क डाल देता है।
एग्रीमेंट का GST, TDS, स्टैम्प ड्यूटी और company कानून पर भी असर होता है। एडवोकेट्स, CA और CS एक ही टीम में हैं।
स्कोप
व्यक्तियों, स्टार्टअप्स और कंपनियों के लिए।
आवासीय और कमर्शियल — डिपॉजिट, लॉक-इन और रिन्यूअल।
कैपिटल, प्रॉफिट शेयर, सैलरी और एग्जिट — registration के साथ।
फाउंडर्स और इन्वेस्टर्स के अधिकार और एग्जिट।
क्वालिटी, डिलीवरी, पेमेंट और penalty।
स्कोप, SLAs, पेमेंट और लायबिलिटी लिमिट्स।
अपॉइंटमेंट लेटर, कॉन्फिडेंशियलिटी और नॉन-सॉलिसिट।
कॉन्फिडेंशियल जानकारी की सुरक्षा।
क्षेत्र, रॉयल्टी और ब्रांड का उपयोग।
प्रॉपर्टी या बिजनेस सेल का पहला एग्रीमेंट।
ये बातें पहले से जान लीजिए
कम स्टैम्प ड्यूटी वाला एग्रीमेंट कोर्ट में सबूत के तौर पर अटक सकता है — राज्य के रेट्स देखिए।
11 महीने से लंबी लीज जैसे डॉक्यूमेंट्स का registration ज़रूरी हो सकता है।
आर्बिट्रेशन या कोर्ट, और किस शहर में — पहले से तय करिए।
प्रक्रिया
डील की शर्तें और आपकी चिंताएं।
पहला ड्राफ्ट आपके रिव्यू के लिए।
बदलाव और दूसरी पार्टी के कमेंट्स।
स्टैम्प पेपर, साइनिंग और registration गाइडेंस।
डॉक्यूमेंट्स
एग्रीमेंट के लिए: यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ जरूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
कई राज्यों में 12 महीने या उससे लंबी लीज का registration जरूरी होता है। रजिस्टर्ड एग्रीमेंट ज्यादा मजबूत होता है — फैसला आपकी स्थिति देखकर।
हाँ, जिन राज्यों में e-stamping है वहाँ e-stamp पेपर मान्य है।
ज़्यादातर एग्रीमेंट के लिए नोटरी ज़रूरी नहीं है, लेकिन यह सबूत के तौर पर काम आता है। registration एक अलग प्रक्रिया है।
हाँ। हम रिस्क वाले क्लॉज़ मार्क करके ज़रूरी बदलाव बताते हैं।
साधारण एग्रीमेंट जल्दी मिल जाते हैं, पेचीदा एग्रीमेंट में डील के हिसाब से कुछ दिन लग सकते हैं।
और भी
एग्रीमेंट का प्रकार और मुख्य शर्तें बताइये — हमारी टीम आपको प्लान और समय की जानकारी देगी।