टाइटल सर्च
खरीदने से पहले
- पिछले डॉक्यूमेंट्स की चेन
- Encumbrance और रिकॉर्ड की जांच
- मंजूरी और बकाया की जांच
- लिखित में टाइटल रिपोर्ट
काम का दायरा देखकर फिक्स्ड कोट
फोरम, स्टेज और सुनवाई के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
प्रॉपर्टी · टाइटल और डॉक्यूमेंटेशन
प्रॉपर्टी ज़िंदगी की सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट होती है — और सबसे ज़्यादा विवाद भी यहीं होते हैं। टाइटल सर्च, डॉक्यूमेंट्स, रजिस्ट्री और टैक्स — एडवोकेट्स और CA एक साथ।
काम में क्या शामिल है
काम
फीस प्रॉपर्टी, डॉक्यूमेंट्स की संख्या और काम पर निर्भर करती है। स्टैम्प ड्यूटी और registration फीस सरकारी होती है।
खरीदने से पहले
काम का दायरा देखकर फिक्स्ड कोट
फोरम, स्टेज और सुनवाई के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
सेल, गिफ्ट, रिलिनक्विशमेंट, लीज
काम के हिसाब से फिक्स्ड रेट
Forum, स्टेज और सुनवाई के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
परिवार की प्रॉपर्टी
काम के हिसाब से फिक्स्ड रेट
Forum, स्टेज और सुनवाई के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
Bar Council of India के नियमों के अनुसार यह पेज सिर्फ जानकारी के लिए है; इसे विज्ञापन या विज्ञापन का जरिया न समझा जाए। हर मामले के तथ्य अलग होते हैं — किसी भी परिणाम की गारंटी नहीं दी जाती।
प्रॉपर्टी पर लोन, कोर्ट केस, फैमिली क्लेम या गलत चेन — ये सब रजिस्ट्री से पहले ही पकड़े जाने चाहिए।
₹50 lakh या ज़्यादा की प्रॉपर्टी खरीदने पर 1% TDS काटना होता है; बेचने पर capital gains। CA टीम यह भी संभालती है।
काम का दायरा
Delhi, Haryana और आस-पास के राज्य।
आमतौर पर 30 साल तक के रिकॉर्ड्स की जांच।
registration के लिए फाइनल डॉक्यूमेंट।
एडवांस के साथ पहला एग्रीमेंट।
परिवार में प्रॉपर्टी ट्रांसफर — स्टैम्प ड्यूटी में छूट राज्य के हिसाब से।
जब को-ओनर अपना हिस्सा छोड़ना चाहे।
ड्राफ्टिंग, गवाह और वैकल्पिक registration।
कानूनी वारिस और सक्सेशन सर्टिफिकेट।
सरकारी रिकॉर्ड्स में नाम बदलवाना।
194-IA के तहत TDS और Form 26QB।
ये बातें पहले से जान लीजिए
फोटोकॉपी पर भरोसा न करें — ओरिजिनल चेन देखिए।
GPA पर प्रॉपर्टी बेचने की वैधता सीमित है — ध्यान दें।
कॉलोनी या प्लॉट अप्रूव्ड है या नहीं — registration और लोन दोनों पर असर।
प्रक्रिया
प्रॉपर्टी के कागज़ात और आपका उद्देश्य।
टाइटल, रिकॉर्ड और बकाया।
डीड या वसीयत का ड्राफ्ट आपके रिव्यू के लिए।
स्टैम्प ड्यूटी, registration और म्यूटेशन।
दस्तावेज़
प्रॉपर्टी के काम के लिए: यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
Records की उपलब्धता पर निर्भर करता है — आमतौर पर कुछ working days।
नहीं, लेकिन registered will पर विवाद कम होते हैं। दो witnesses ज़रूरी हैं।
जब कीमत ₹50 lakh या ज़्यादा हो — buyer 1% TDS काट कर Form 26QB से जमा करता है। Seller के पास PAN न हो तो rate ज़्यादा हो सकता है।
राज्य के हिसाब से बदलती है; कई राज्यों में परिवार के सदस्यों के बीच छूट मिलती है।
ज़रूरत पड़ने पर, दिल्ली और हरियाणा में।
और भी
शहर और documents की लिस्ट बताइए — टीम title check का प्लान बताएगी।