जमानत
गिरफ्तारी का डर या गिरफ्तारी हो गई
- FIR और धाराओं का विश्लेषण
- अग्रिम या नियमित जमानत अर्जी
- Sessions Court / High Court
- जमानत की शर्तों का पालन
काम का दायरा देखकर तय फीस
फोरम, स्टेज और सुनवाई के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
क्रिमिनल लॉ · एडवोकेट्स
FIR, notice या गिरफ्तारी का डर — क्रिमिनल मामले में हर कदम सोच-समझकर उठाना होता है। Bail, quashing और ट्रायल डिफेंस के साथ-साथ फाइनेंशियल और इकोनॉमिक अपराधों में CA टीम का सपोर्ट।
काम में क्या शामिल है
काम
फीस कोर्ट, स्टेज और मामले की गंभीरता पर निर्भर करती है — काम शुरू होने से पहले लिखित में तय होती है।
गिरफ्तारी का डर या गिरफ्तारी हो गई
काम का दायरा देखकर तय फीस
फोरम, स्टेज और सुनवाई के हिसाब से — काम शुरू होने से पहले लिखित में
झूठी या सिविल प्रकृति की FIR
काम के हिसाब से फिक्स्ड फीस
Forum, स्टेज और सुनवाई के आधार पर — काम शुरू होने से पहले लिखित में
केस चल रहा है या शिकायत करनी है
काम के हिसाब से फिक्स्ड फीस
Forum, स्टेज और सुनवाई के आधार पर — काम शुरू होने से पहले लिखित में
Bar Council of India के नियमों के अनुसार यह पेज सिर्फ जानकारी के लिए है; इसे विज्ञापन या प्रलोभन न समझा जाए। हर मामले के तथ्य अलग होते हैं — किसी भी परिणाम की गारंटी नहीं दी जाती।
1 July 2024 से IPC की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), CrPC की जगह BNSS और Evidence Act की जगह BSA लागू हैं। नई FIR इन्हीं में दर्ज होती हैं।
धोखाधड़ी, अमानत में खयानत या GST और टैक्स अपराधों में हिसाब-किताब ही बचाव है — CA टीम इसमें मदद करती है।
कार्यक्षेत्र
दिल्ली (रोहिणी) और हरियाणा की अदालतें; ज़रूरत के हिसाब से High Court के मामले।
गिरफ्तारी से पहले सुरक्षा — BNSS की Section 482.
गिरफ्तारी के बाद जमानत — magistrate, sessions या High Court.
FIR या कानूनी कार्यवाही को High Court में चुनौती — BNSS की Section 528.
बिजनेस और निवेश से जुड़ी शिकायतें।
दहेज और प्रताड़ना से जुड़े मामले।
Section 138 NI Act — शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों के लिए।
GST, customs और टैक्स से जुड़ी कानूनी कार्यवाही।
FIR registration और magistrate के पास शिकायत।
सजा या आदेश के खिलाफ।
ये बातें पहले से जान लीजिए
पुलिस या किसी को भी बयान देने से पहले वकील से बात करें।
पुलिस notice पर हाजिर होना और सहयोग करना आपके जमानत के केस को मजबूत करता है।
चैट्स, पेमेंट्स और एग्रीमेंट्स — बचाव का सबसे बड़ा हिस्सा।
प्रक्रिया
FIR, धाराएं और रिस्क।
बेल या अंतरिम सुरक्षा।
Quashing, सेटलमेंट या ट्रायल।
हर तारीख पर, फाइनल ऑर्डर तक।
डॉक्यूमेंट्स
क्रिमिनल मामले के लिए: यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
जब आपको लगता है कि किसी गैर-जमानती अपराध में गिरफ्तारी हो सकती है — जितनी जल्दी हो, उतना बेहतर है।
High Court अपनी शक्तियों का उपयोग करके FIR रद्द कर सकता है, जैसे जब आरोपों से कोई अपराध नहीं बनता, मामला सिविल प्रकृति का हो, या कुछ अपराधों में पक्षों के बीच समझौता हो गया हो।
1 July 2024 से नए मामले BNS में दर्ज होते हैं। उससे पहले के अपराध पुराने कानून के तहत चलते रहते हैं।
जरूरी मामलों के लिए WhatsApp पर लिखें — टीम जल्द से जल्द आपसे संपर्क करेगी।
नहीं। हम आपके केस के तथ्यों और कानून के आधार पर स्पष्ट सलाह देते हैं।
और भी
WhatsApp पर FIR नंबर और पुलिस स्टेशन का नाम लिखें — टीम जल्द से जल्द आपसे संपर्क करेगी।