Incorporation
नये FPO
- Structure और MoA-AoA
- DSC और SPICe+ filing
- COI, PAN, TAN
- Bank account में सहायता
काम के हिसाब से फिक्स्ड फीस
फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
CS · FPO · Producer company
Farmer Producer Company (FPO) किसानों को एक company के रूप में जोड़ती है — थोक में इनपुट खरीदना, मंडी से बेहतर दाम, प्रोसेसिंग और सरकारी योजनाओं का फायदा। हम सदस्यों का स्ट्रक्चर, incorporation, registrations और पहले साल की compliance पूरी करते हैं।
काम में क्या शामिल है
Fees
Fee members की संख्या, राज्य की stamp duty और साथ में कितने registrations चाहिए — इस पर निर्भर करती है।
नये FPO
काम के हिसाब से फिक्स्ड फीस
फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
जो तुरंत काम शुरू करना चाहते हैं
काम के हिसाब से फिक्स्ड फीस
फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय की जाती है
बनी हुई producer companies
काम के हिसाब से फिक्स्ड फीस
काम का स्कोप देखने के बाद फीस लिखित में तय की जाती है
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। नियम तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करते हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
director को मीटिंग, हिसाब और filing की जिम्मेदारी हिंदी में समझाते हैं — ताकि company कागज़ पर न रह जाए।
company, GST, FSSAI, audit और स्कीम — CA और CS एक ही फाइल पर।
स्कोप
registration से लेकर पहले audit तक — किसानों की भाषा में।
members, director, share capital और काम का प्लान।
नाम, MoA-AoA और SPICe+ filing Producer company के फॉर्मेट में।
PAN, TAN, GST, FSSAI, मंडी licence, Udyam और जहाँ ज़रूरी हो APEDA/IEC।
केंद्र और राज्य की FPO स्कीम्स, इक्विटी ग्रांट और क्रेडिट गारंटी के दस्तावेज़।
members के लेन-देन का रिकॉर्ड, इंटरनल audit और स्टेट्यूटरी audit।
AGM, AOC-4, MGT-7, ITR और director की KYC।
कानून क्या कहता है
Producer company Companies Act, 2013 के Chapter XXIA के तहत बनती है। इसके नियम सामान्य company से अलग हैं — सहकारी संस्था जैसा कंट्रोल, लेकिन company जैसी पारदर्शिता।
कम से कम 10 individual producers, या 2 producer institutions, या दोनों मिल कर।
Members की primary produce की production, harvesting, procurement, grading, processing, marketing और inputs की supply।
कम से कम 5 और ज़्यादा से ज़्यादा 15 directors।
नाम के अंत में 'Producer Company Limited' लिखना ज़रूरी।
Individual members वाली company में एक member, एक vote — shares चाहे कितने भी हों।
Patronage bonus produce की supply के हिसाब से, और limited return on share capital।
ये बातें पहले से जान लीजिये
जो लोग असल में producer नहीं, उन्हें member बना देना — scheme और audit में सवाल।
Board को filing और meetings की ज़िम्मेदारी पता नहीं — पहले साल ही default।
Members से खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड नहीं — patronage bonus और tax दोनों में दिक्कत।
AOC-4, MGT-7 और audit टाइम पर नहीं — company strike-off की लिस्ट में।
सिर्फ ग्रांट के लिए company बनाना, बिज़नेस प्लान के बिना।
CGA का प्रोसेस
किसानों के साथ बैठक — काम, members और director तय।
हर member का KYC और प्रोड्यूसर होने का सबूत।
DSC, नाम और SPICe+ filing; COI, PAN और TAN।
Bank account, GST और काम के हिसाब से licence।
Board ट्रेनिंग, बुक्स, AGM और annual filing।
Documents
ये लिस्ट तैयार रखिये। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिये — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
ज़रूरी
FPO schemes (जैसे 10,000 FPO scheme) के इक्विटी ग्रांट और मैनेजमेंट सपोर्ट की शर्तें और राशि सरकारी गाइडलाइन्स के हिसाब से बदलती रहती हैं। स्कीम के लिए अप्लाई करने से पहले लेटेस्ट गाइडलाइन देखी जाती है।
Producer company का ग्रांट या लोन सैंक्शन इंप्लीमेंटिंग एजेंसी करती है — CGA केवल डॉक्यूमेंटेशन और compliance सपोर्ट देता है, सैंक्शन की गारंटी नहीं।
कम से कम 10 इंडिविजुअल प्रोड्यूसर्स, या 2 प्रोड्यूसर इंस्टीट्यूशंस, या दोनों मिलकर। Directors कम से कम 5 होने चाहिए।
कोऑपरेटिव स्टेट कोऑपरेटिव कानून के तहत बनते हैं और रजिस्ट्रार का कंट्रोल ज़्यादा होता है। Producer company Companies Act के तहत है — इसमें मेंबर्स का कंट्रोल कोऑपरेटिव जैसा है, लेकिन मैनेजमेंट और फंडिंग में ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।
Producer company के members सिर्फ प्रोड्यूसर्स या प्रोड्यूसर इंस्टीट्यूशंस हो सकते हैं, और वोटिंग राइट्स उन्हीं के पास रहते हैं। इसलिए नॉर्मल इक्विटी इन्वेस्टर की जगह ग्रांट्स, स्कीम सपोर्ट और लोन के रास्ते देखे जाते हैं। स्ट्रक्चर शुरू में सोच-समझकर चुनें।
केंद्र और राज्य की स्कीम्स के तहत इक्विटी ग्रांट, मैनेजमेंट कॉस्ट सपोर्ट और क्रेडिट गारंटी जैसी मदद मिलती है। शर्तें और राशि गाइडलाइन के हिसाब से होती हैं — हम अप्लाई करने से पहले एलिजिबिलिटी चेक करते हैं।
और भी
कितने किसान जुड़ रहे हैं, कौन सी फसल या काम है और किस ब्लॉक में — इतना बताइए। हम बता देंगे कि producer company सही रहेगी या कोऑपरेटिव।