Secretarial audit
Unlisted public companies
- Companies Act और FEMA रिव्यू
- सेक्टर के कानूनों की जांच
- Form MR-3
- Board के लिए सुझाव
काम के हिसाब से फिक्स्ड रेट
सटीक फीस काम समझने के बाद लिखित में तय की जाती है
CS · Secretarial audit
Secretarial audit बताता है कि company ने साल भर Companies Act, SEBI, FEMA और अपने सेक्टर के कानूनों का पालन किया या नहीं। बड़ी पब्लिक और लिस्टेड companies के लिए यह ज़रूरी है, और प्राइवेट companies फंडिंग या due diligence से पहले वॉलंटरी audit करवाती हैं। हम audit से पहले कमियां ढूंढ कर उन्हें ठीक करवाते हैं।
काम में क्या शामिल है
Fees
Fee company के साइज, कानूनों की संख्या और रिकॉर्ड्स की हालत पर निर्भर करती है।
Unlisted public companies
काम के हिसाब से फिक्स्ड रेट
सटीक फीस काम समझने के बाद लिखित में तय की जाती है
Listed entities और मुख्य सहायक कंपनियां
काम के हिसाब से फिक्स्ड रेट
सटीक फीस काम समझने के बाद लिखित में तय की जाती है
Private companies
काम के हिसाब से फिक्स्ड रेट
काम का दायरा देखने के बाद फीस लिखित में तय की जाती है
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। कानूनी स्थिति तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती है — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
जो गलती सुधारी जा सकती है, उसे रिपोर्ट से पहले ठीक करना — ताकि कम से कम qualification आए।
Tax, FEMA और कानूनी पहलुओं पर एक ही फाइल में एक्सपर्ट राय।
दायरा
सिर्फ MR-3 नहीं — audit से पहले और बाद का काम भी।
Meetings, registers, filings, कर्ज़, निवेश और संबंधित पक्षों के लेनदेन।
Listed entities के लिए LODR, insider trading और takeover नियम।
विदेशी निवेश और ODI की reporting।
company के बिजनेस पर लगने वाले विशेष कानून और licence।
audit से पहले कमियों की लिस्ट और सुधार का प्लान।
Private companies के लिए फंडिंग या बिक्री से पहले।
कानून क्या कहता है
Secretarial audit एक साल का compliance रिकॉर्ड है — जो गलती audit में दिखी, वह बोर्ड रिपोर्ट में सार्वजनिक हो जाती है।
हर सूचीबद्ध company; public company जिसका चुकता पूँजी ₹50 crore या turnover ₹250 crore या उससे ज़्यादा हो; या bank/financial institutions से बकाया लोन ₹100 crore या ज़्यादा हो।
सिर्फ प्रैक्टिस करने वाले Company Secretary; रिपोर्ट Form MR-3 में।
MR-3 board रिपोर्ट के साथ लगता है; कमियों (qualifications) पर board को जवाब देना होता है।
गलती होने पर company, हर जिम्मेदार officer और PCS पर penalty का प्रावधान है।
Secretarial audit और सालाना secretarial compliance रिपोर्ट; auditor की नियुक्ति और कार्यकाल पर SEBI की शर्तें।
सूचीबद्ध company की गैर-सूचीबद्ध material subsidiary पर भी secretarial audit अनिवार्य है।
ये बातें पहले से जान लीजिए
audit के समय पता चला कि मीटिंग का कोरम या notice पीरियड गलत था — अब इसे ठीक नहीं किया जा सकता।
Minutes समय पर साइन नहीं हुए, या प्रस्ताव की भाषा filing से अलग है।
Section 188 के ट्रांजैक्शन बिना पहले अप्रूवल के — audit में ऑब्जेक्शन।
MGT-14, DIR-12, PAS-3 जैसे इवेंट-आधारित forms समय पर नहीं।
सिर्फ Companies Act देखा, फैक्ट्री, पर्यावरण या लेबर कानून का रिकॉर्ड नहीं।
CGA का प्रोसेस
company का साइज और टाइप देखकर audit लागू है या नहीं।
हर लागू कानून की कंप्लायंस लिस्ट और डॉक्यूमेंट की मांग।
रिकॉर्ड्स, filings और मीटिंग्स का साल भर का चेक।
जो कमी मिली उसकी लिस्ट — जो ठीक हो सकती है, रिपोर्ट से पहले।
साइन की हुई रिपोर्ट UDIN के साथ, बोर्ड रिपोर्ट में लगाने के लिए।
Documents
यह लिस्ट तैयार रखिये। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिये — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
ज़रूरी
Secretarial auditor की नियुक्ति, योग्यता और कार्यकाल पर SEBI ने listed companies के लिए नई शर्तें लगाई हैं। नियुक्ति से पहले योग्यता की जांच कर लें।
Audit report में qualification आने पर board को board report में उसका स्पष्टीकरण देना होता है — इसलिए audit से पहले रिव्यू करवाना हमेशा बेहतर है।
हर listed company, और वो public company जिसका paid-up share capital ₹50 crore या उससे ज़्यादा हो, या turnover ₹250 crore या उससे ज़्यादा हो, या banks/public financial institutions से बकाया loans या borrowings ₹100 crore या उससे ज़्यादा हों।
कानून के तहत ज़रूरी नहीं, लेकिन funding, bank loan, बिक्री या due diligence से पहले अपनी मर्ज़ी से audit करवाने से कमियां पहले पता चल जाती हैं और ठीक हो जाती हैं।
सिर्फ प्रैक्टिस करने वाले Company Secretary। Listed companies में auditor के लिए SEBI की अतिरिक्त योग्यता शर्तें भी हैं।
Board को board report में हर qualification का स्पष्टीकरण देना होता है। जो गलती ठीक हो सकती है, उसके लिए compounding या सुधार वाली filing का रास्ता देखते हैं।
और भी
company का प्रकार, paid-up capital, turnover और बैंक लोन की जानकारी दें — हम बताएंगे कि secretarial audit लागू है या नहीं, और उसकी फीस क्या होगी।