फोकस्ड रिव्यू
छोटे डील्स और vendor चेक
- Financial और tax की जांच
- MCA और कानूनी बुनियादी बातें
- Red flag की जानकारी
- एक review call
काम के हिसाब से तय फीस
फीस काम को समझने के बाद लिखित में तय की जाती है
CA · CS · Advocate · Due diligence
Company खरीदनी हो, उसमें निवेश करना हो, partnership लेनी हो या बड़ा loan देना हो — diligence बताता है कि numbers असली हैं या नहीं, और कौनसी tax या legal liability साथ आएगी। CA, CS और Advocate एक ही team में diligence करते हैं, इसलिए report एक है और red flags का सीधा जवाब।
काम में क्या शामिल है
फीस
फीस टारगेट के साइज, एरिया और टाइमलाइन पर निर्भर करती है। काम का दायरा और फीस लिखित में काम शुरू होने से पहले।
छोटे डील्स और vendor चेक
काम के हिसाब से तय फीस
फीस काम को समझने के बाद लिखित में तय की जाती है
निवेश और अधिग्रहण
काम के हिसाब से तय फीस
फीस काम को समझने के बाद लिखित में तय की जाती है
शुरुआत से डील पूरी होने तक
काम के हिसाब से तय फीस
काम का स्कोप देखने के बाद ही फीस लिखित में तय की जाती है
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। कानूनी स्थिति तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती है — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
CA, CS और Advocate की अलग-अलग रिपोर्ट जोड़ने का झंझट नहीं — एक ही रिपोर्ट, एक ही प्रायोरिटी लिस्ट।
जो रिस्क मिला, वह एग्रीमेंट में कैसे कवर होगा — यह भी हम ही ड्राफ्ट करते हैं।
स्कोप
डील के साइज के हिसाब से पूरी या फोकस्ड diligence — स्कोप पहले लिखित में।
कमाई की क्वालिटी, वर्किंग कैपिटल, कर्ज और संभावित देनदारियां।
Income tax, GST, TDS की compliance, पेंडिंग डिमांड और रिस्क।
MCA filings, शेयर कैपिटल हिस्ट्री, रजिस्टर और बोर्ड अप्रूवल।
कॉन्ट्रैक्ट्स, केस, IP, प्रॉपर्टी टाइटल और रेगुलेटरी licence।
PF, ESI, ग्रेच्युटी प्रोविजन और लेबर कानून की compliance।
छोटी डील्स के लिए फोकस्ड और कम समय वाली diligence।
कानून क्या कहता है
Diligence का मतलब है वे देनदारियां पहले ढूंढना जो डील के बाद आपकी हो जाएंगी।
Shares सही तरीके से issue और transfer हुए — registers, PAS-3, SH-4 और stamp duty। गलती हुई तो title पर सवाल।
Company खरीदी तो उसकी पुरानी tax demand भी; slump sale या asset deal में structure अलग।
Business transfer में पुरानी GST liability transferee पर भी आ सकती है।
Related party transactions की approval और disclosure — pricing और tax दोनों के लिए।
FDI वाली company में FEMA filings और pricing का रिकॉर्ड — कमी हो तो compounding।
ज़मीन-जायदाद का chain of title, encumbrance और mutation।
ये बातें पहले से जान लीजिये
Profit असली है या one-time items से बना — quality of earnings देखे बिना valuation।
Pending assessments और GST notice बाद में buyer की जेब से।
पुराने allotments या transfers में गलती — खरीदे गए shares पर ही सवाल।
बड़ी agreements ownership बदलते ही खत्म हो जाती हैं — पहले पढ़ना ज़रूरी।
Red flags की लिस्ट के बिना agreement में indemnity और escrow तय करना।
Factory या office की ज़मीन का title clear नहीं — सबसे महंगी गलती।
CGA का process
Deal, side और focus areas तय; confidentiality agreement।
Data room या folder के लिए document list।
हर area की team अलग review करती है, एक ही file पर।
Gaps और doubts पर target से सवाल-जवाब।
Red flags, उनका impact और deal में कैसे cover करें — price, conditions या indemnity।
Timeline
| Stage | Typical time | कौन करता है |
|---|---|---|
| Scope और document list | 2–3 कार्य दिवस | CGA |
| Data मिलने के बाद review | 1–4 हफ्ते (size के हिसाब से) | CGA |
| Management Q&A | Review के साथ साथ | CGA + target |
| Final report | Review खत्म होने के 3–5 दिन बाद | CGA |
यह सामान्य समय सीमा है। Department, court या authority की पूछताछ और लिस्टिंग के हिसाब से समय कम या ज्यादा हो सकता है।
Documents
यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — original सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
ज़रूरी
Diligence उतनी ही अच्छी होती है जितना डेटा मिलता है। जो document नहीं दिया गया, उसका रिस्क रिपोर्ट में 'not reviewed' के रूप में लिखा जाता है — उसे एग्रीमेंट में कवर करना ज़रूरी है।
Diligence की फाइंडिंग्स को एग्रीमेंट में शर्तों, कीमत में बदलाव या हर्जाने के रूप में बदलना ही असली सुरक्षा है।
Term sheet या LOI साइन होने के बाद और फाइनल एग्रीमेंट से पहले। इससे मिली जानकारी के आधार पर कीमत या एग्रीमेंट की शर्तें बदली जा सकती हैं।
आमतौर पर 3 साल का फाइनेंशियल और टैक्स रिकॉर्ड, और शेयर कैपिटल का पूरा इतिहास। टैक्स में दोबारा जांच की समय सीमा देखते हुए कुछ मामलों में उससे पुराना भी।
हाँ। बेचने से पहले अपनी company की diligence करवा लेने से buyer के सवाल पहले से पता होते हैं और डील तेज़ी से क्लोज होती है।
हाँ। काम शुरू करने से पहले NDA साइन होता है और रिपोर्ट सिर्फ client के लिए होती है; किसी और को देने के लिए सहमति ज़रूरी है।
और भी
डील का प्रकार, टारगेट का साइज और क्लोजिंग की संभावित तारीख बताएं — हम स्कोप और टाइमलाइन लिखित में दे देंगे।