तेज़। सटीक। बिना किसी परेशानी के।

CA · CS · Advocate · Due diligence

पैसा लगाने से पहले जान लीजिए कि आप असल में क्या खरीद रहे हो।

Company खरीदनी हो, उसमें निवेश करना हो, partnership लेनी हो या बड़ा loan देना हो — diligence बताता है कि numbers असली हैं या नहीं, और कौनसी tax या legal liability साथ आएगी। CA, CS और Advocate एक ही team में diligence करते हैं, इसलिए report एक है और red flags का सीधा जवाब।

काम में क्या शामिल है

  • Financial due diligence — कमाई की क्वालिटी
  • Tax due diligence — income tax, GST, TDS
  • Secretarial — MCA filing और share capital
  • Legal — contracts, मुकदमे और property
  • लेबर और regulatory licence
  • Red flags की report और deal में सुरक्षा
2,500+पूरे भारत में client
20+Professional और staff
CA · CS · CMA · Advocateएक ही firm में

फीस

काम और फीस

फीस टारगेट के साइज, एरिया और टाइमलाइन पर निर्भर करती है। काम का दायरा और फीस लिखित में काम शुरू होने से पहले।

सबसे कॉमन
D1

फोकस्ड रिव्यू

छोटे डील्स और vendor चेक

  • Financial और tax की जांच
  • MCA और कानूनी बुनियादी बातें
  • Red flag की जानकारी
  • एक review call

काम के हिसाब से तय फीस
फीस काम को समझने के बाद लिखित में तय की जाती है

D1 के बारे में पूछिए
D2

पूरी जांच (Full diligence)

निवेश और अधिग्रहण

  • Financial, tax, secretarial और कानूनी जांच
  • कमाई की गुणवत्ता
  • विस्तृत रिपोर्ट
  • Agreement के लिए जरूरी जानकारी

काम के हिसाब से तय फीस
फीस काम को समझने के बाद लिखित में तय की जाती है

D2 के बारे में पूछिए
D3

जांच और डील (Diligence + deal)

शुरुआत से डील पूरी होने तक

  • D2 का पूरा काम
  • Valuation और स्ट्रक्चरिंग
  • SPA/SHA ड्राफ्टिंग में मदद
  • Closing और डील के बाद की filing

काम के हिसाब से तय फीस
काम का स्कोप देखने के बाद ही फीस लिखित में तय की जाती है

D3 के बारे में पूछिए

इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। कानूनी स्थिति तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती है — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।

एक टीम, एक रिपोर्ट

CA, CS और Advocate की अलग-अलग रिपोर्ट जोड़ने का झंझट नहीं — एक ही रिपोर्ट, एक ही प्रायोरिटी लिस्ट।

रिपोर्ट से एग्रीमेंट तक

जो रिस्क मिला, वह एग्रीमेंट में कैसे कवर होगा — यह भी हम ही ड्राफ्ट करते हैं।

स्कोप

Diligence के क्षेत्र

डील के साइज के हिसाब से पूरी या फोकस्ड diligence — स्कोप पहले लिखित में।

Financial

कमाई की क्वालिटी, वर्किंग कैपिटल, कर्ज और संभावित देनदारियां।

Tax

Income tax, GST, TDS की compliance, पेंडिंग डिमांड और रिस्क।

Secretarial

MCA filings, शेयर कैपिटल हिस्ट्री, रजिस्टर और बोर्ड अप्रूवल।

Legal

कॉन्ट्रैक्ट्स, केस, IP, प्रॉपर्टी टाइटल और रेगुलेटरी licence।

Labour

PF, ESI, ग्रेच्युटी प्रोविजन और लेबर कानून की compliance।

Vendor / limited

छोटी डील्स के लिए फोकस्ड और कम समय वाली diligence।

कानून क्या कहता है

Diligence में कौन से कानून देखे जाते हैं

Diligence का मतलब है वे देनदारियां पहले ढूंढना जो डील के बाद आपकी हो जाएंगी।

Companies Act, Sec 39-56

Share capital का रिकॉर्ड

Shares सही तरीके से issue और transfer हुए — registers, PAS-3, SH-4 और stamp duty। गलती हुई तो title पर सवाल।

Income-tax Act

Tax की liability साथ आती है

Company खरीदी तो उसकी पुरानी tax demand भी; slump sale या asset deal में structure अलग।

CGST Act, Sec 85

GST successor

Business transfer में पुरानी GST liability transferee पर भी आ सकती है।

Sec 188

Related party

Related party transactions की approval और disclosure — pricing और tax दोनों के लिए।

FEMA, NDI Rules

Foreign investor

FDI वाली company में FEMA filings और pricing का रिकॉर्ड — कमी हो तो compounding।

Transfer of Property Act, Registration Act

Property title

ज़मीन-जायदाद का chain of title, encumbrance और mutation।

ये बातें पहले से जान लीजिये

बिना diligence के deal में ये surprise आते हैं

सिर्फ balance sheet देखना

Profit असली है या one-time items से बना — quality of earnings देखे बिना valuation।

Tax notices ignore

Pending assessments और GST notice बाद में buyer की जेब से।

Share title चेक नहीं

पुराने allotments या transfers में गलती — खरीदे गए shares पर ही सवाल।

Contracts में change of control

बड़ी agreements ownership बदलते ही खत्म हो जाती हैं — पहले पढ़ना ज़रूरी।

Indemnity बिना आधार

Red flags की लिस्ट के बिना agreement में indemnity और escrow तय करना।

Property का title

Factory या office की ज़मीन का title clear नहीं — सबसे महंगी गलती।

CGA का process

हम इसे कैसे handle करते हैं

1

Scope और NDA

Deal, side और focus areas तय; confidentiality agreement।

2

Request list

Data room या folder के लिए document list।

3

Review

हर area की team अलग review करती है, एक ही file पर।

4

Management Q&A

Gaps और doubts पर target से सवाल-जवाब।

5

Report

Red flags, उनका impact और deal में कैसे cover करें — price, conditions या indemnity।

Timeline

कितना time लगता है

StageTypical timeकौन करता है
Scope और document list2–3 कार्य दिवसCGA
Data मिलने के बाद review1–4 हफ्ते (size के हिसाब से)CGA
Management Q&AReview के साथ साथCGA + target
Final reportReview खत्म होने के 3–5 दिन बादCGA

यह सामान्य समय सीमा है। Department, court या authority की पूछताछ और लिस्टिंग के हिसाब से समय कम या ज्यादा हो सकता है।

Documents

कौनसे documents चाहिए

यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — original सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।

Financial

  • 3 साल के audited accounts और tax audit reports
  • लेटेस्ट MIS और ledgers
  • Bank statements और loan sanction letters

Tax

  • ITR, GST और TDS returns
  • Assessment orders और पेंडिंग notice
  • GST और TDS के reconciliations

Legal और corporate

  • MoA, AoA, statutory registers और MCA filings
  • बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स, लीज़ और licence
  • कोर्ट केस, कानूनी notice और प्रॉपर्टी के कागजात

Documents WhatsApp पर भेजिए

ज़रूरी

शुरू करने से पहले यह जान लीजिए

Diligence उतनी ही अच्छी होती है जितना डेटा मिलता है। जो document नहीं दिया गया, उसका रिस्क रिपोर्ट में 'not reviewed' के रूप में लिखा जाता है — उसे एग्रीमेंट में कवर करना ज़रूरी है।

Diligence की फाइंडिंग्स को एग्रीमेंट में शर्तों, कीमत में बदलाव या हर्जाने के रूप में बदलना ही असली सुरक्षा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Due diligence कब करवानी चाहिए?

Term sheet या LOI साइन होने के बाद और फाइनल एग्रीमेंट से पहले। इससे मिली जानकारी के आधार पर कीमत या एग्रीमेंट की शर्तें बदली जा सकती हैं।

कितने साल का रिकॉर्ड देखा जाता है?

आमतौर पर 3 साल का फाइनेंशियल और टैक्स रिकॉर्ड, और शेयर कैपिटल का पूरा इतिहास। टैक्स में दोबारा जांच की समय सीमा देखते हुए कुछ मामलों में उससे पुराना भी।

क्या सेलर की तरफ से भी diligence होती है?

हाँ। बेचने से पहले अपनी company की diligence करवा लेने से buyer के सवाल पहले से पता होते हैं और डील तेज़ी से क्लोज होती है।

क्या diligence रिपोर्ट गोपनीय रहती है?

हाँ। काम शुरू करने से पहले NDA साइन होता है और रिपोर्ट सिर्फ client के लिए होती है; किसी और को देने के लिए सहमति ज़रूरी है।

और भी

संबंधित सेवाएँ

Business Valuation

डील की कीमत का आधार

Agreement Drafting

SPA, SHA और हर्जाने की शर्तें

Company Secretarial

Share transfer और डील के बाद की filing

डील करने से पहले चेक करना है?

डील का प्रकार, टारगेट का साइज और क्लोजिंग की संभावित तारीख बताएं — हम स्कोप और टाइमलाइन लिखित में दे देंगे।

WhatsApp पर बात करें
Aआरज़ू से पूछिए
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आरज़ूCGA India असिस्टेंट · ऑनलाइन