Computation + ITR
एक property या equity gains
- Capital gains की गणना
- Indexation विकल्प की तुलना
- ITR में Schedule CG
- TDS credit का मिलान
काम देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
CA · Capital gains
Property, shares, mutual funds या gold बेचने पर tax rate, holding period, indexation का विकल्प, circle rate का नियम और छूट — सब मिलकर तय करते हैं कि कितना tax बनेगा। हम डील से पहले calculation, छूट की प्लानिंग, TDS और ITR तक पूरा काम करते हैं।
काम में क्या शामिल है
Fees
Fee asset के प्रकार, ट्रांजैक्शन की संख्या और exemption की पेचीदगी पर निर्भर करती है।
एक property या equity gains
काम देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
जो टैक्स बचाना चाहते हैं
काम देखकर फिक्स्ड कोट
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
NRI विक्रेता या स्क्रूटनी केस
काम देखकर फिक्स्ड कोट
काम का स्कोप देखने के बाद ही फीस लिखित में तय की जाती है
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। टैक्स की स्थिति तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती है — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
सेल वैल्यू और समय तय होने से पहले टैक्स का अंदाज़ा — ताकि बाद में पछतावा न हो।
Sale deed, टाइटल और टैक्स — प्रॉपर्टी डील के तीनों पहलू एक ही फाइल पर।
स्कोप
एक बार का ट्रांजैक्शन, पर टैक्स का असर बड़ा — इसलिए हर चीज़ लिखित वर्किंग के साथ।
सेल वैल्यू, समय और किसके नाम से बेचना है — टैक्स का असर डील से पहले ही समझें।
लागत, सुधार, इंडेक्सेशन विकल्प, 50C और जॉइंट ओनरशिप का हिसाब।
ब्रोकर स्टेटमेंट से STCG/LTCG, ग्रैंडफादरिंग और सेट-ऑफ।
54, 54F, 54EC, 54B (कृषि भूमि) — शर्तें और समय सीमा।
लोअर TDS सर्टिफिकेट, 15CA/15CB और पैसा बाहर भेजने की प्रक्रिया।
50C विवाद, वैल्यूएशन ऑफिसर रेफरेंस और छूट न मिलने पर जवाब।
कानून क्या कहता है
Income-tax Act, 2025 (1 अप्रैल 2026 से लागू) में ये प्रावधान नए सेक्शन नंबरों के साथ जारी हैं। नीचे पुराने और जाने-पहचाने सेक्शन नंबर दिए गए हैं; filing वर्तमान कानून के हिसाब से होती है।
Listed shares और equity funds 12 महीने से ज़्यादा; बाकी assets (property, unlisted shares, gold) 24 महीने से ज़्यादा रखने पर long term.
23 July 2024 से long-term gains पर आमतौर पर 12.5% बिना indexation। Resident individual/HUF की इस तारीख से पहले खरीदी ज़मीन-मकान पर 20% with indexation का विकल्प, जो कम हो।
Listed equity पर STCG 20% और LTCG ₹1.25 lakh से ऊपर 12.5%; 31 Jan 2018 तक के फायदे grandfathered हैं।
Property की sale price circle rate से 10% से ज़्यादा कम हो तो circle rate को ही sale value माना जाता है।
घर बेचकर घर — 54; दूसरा asset बेचकर घर — 54F। दोनों पर ₹10 crore की लिमिट।
ज़मीन-मकान के LTCG को 6 महीने के अंदर नोटिफाइड bonds में ₹50 lakh तक लगाने पर छूट; 5 साल का lock-in।
ये बातें पहले से जान लीजिए
Sale deed में कम वैल्यू, पर टैक्स circle rate पर — buyer और seller दोनों के लिए डेटा mismatch।
54/54F में ITR due date तक पैसा नहीं लगा और CGAS में भी नहीं डाला — छूट खत्म।
पुरानी property पर 12.5% और 20%-with-indexation की तुलना किए बिना tax भर देना।
हर co-owner का हिस्सा और exemption अलग — एक के ITR में सब डाल देना गलत।
NRI से property खरीदने पर 1% नहीं, पूरे capital gains पर TDS का नियम लगता है।
Purchase deed या improvement bills के बिना cost रिजेक्ट — पूरी sale value पर tax।
CGA का प्रोसेस
Asset, खरीद और बेचने की तारीख, cost और co-owners।
दोनों ऑप्शंस के साथ tax की वर्किंग — indexation के साथ और बिना।
कौनसा exemption फिट है और उसकी डेडलाइन।
CGAS डिपॉजिट, बॉन्ड्स या property का पेपरवर्क, TDS का चेक।
ITR में Schedule CG और exemption क्लेम, डॉक्युमेंट्स के साथ।
Documents
यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
ज़रूरी
Capital gains के रेट्स और exemptions पर बजट के साथ बदलाव आते रहे हैं (July 2024 में बड़े बदलाव हुए)। इसलिए किसी पुराने आर्टिकल के हिसाब से कैलकुलेशन मत करिए — सेल की डेट का कानून ही लागू होता है।
घर में दोबारा निवेश करने का exemption एक ही रेजिडेंशियल घर पर मिलता है (54 में कुछ शर्तों के साथ दो घरों का एक बार का विकल्प)। प्लान पहले बना लीजिए।
23 July 2024 से LTCG आमतौर पर बिना इंडेक्सेशन के 12.5% है। अगर रेजिडेंट इंडिविजुअल या HUF ने ज़मीन-मकान उस तारीख से पहले खरीदा था, तो 20% इंडेक्सेशन के साथ भी विकल्प है — दोनों में से जिसमें कम टैक्स बने, वह चुन सकते हैं। सेस और सरचार्ज अलग से।
Section 54 में नया घर सेल से 1 साल पहले या 2 साल के अंदर खरीदना, या 3 साल में बनाना होता है। अगर ITR की ड्यू डेट तक पैसा नहीं लगा, तो Capital Gains Account Scheme में जमा करना ज़रूरी है।
ज़मीन या बिल्डिंग के लॉन्ग-टर्म गेन को सेल से 6 महीने के अंदर नोटिफाइड बॉन्ड्स में लगाना होता है, एक फाइनेंशियल ईयर में अधिकतम ₹50 लाख। लॉक-इन 5 साल का है।
अगर सेल प्राइस स्टैम्प ड्यूटी वैल्यू से 10% से ज़्यादा कम है, तो टैक्स के लिए स्टैम्प ड्यूटी वैल्यू ही सेल वैल्यू मानी जाती है। अगर सर्कल रेट मार्केट रेट से ज़्यादा है, तो आप वैल्युएशन ऑफिसर को रेफरेंस की मांग कर सकते हैं।
NRI seller पर 1% वाला Section 194-IA नहीं लगता; Section 195 के तहत capital gains पर लागू रेट से TDS काटना होता है, और buyer को TAN लेना पड़ता है। Seller lower deduction certificate ले सकता है।
और भी
क्या बेचना है, कब खरीदा था और कितने में बेचने का प्लान है — बस इतना बताइए। हम डील से पहले ही tax और छूट का अंदाज़ा दे देंगे।