Review + notice
पहला कदम
- Documents की जांच
- फोरम और राहत की सलाह
- Legal notice
- Reply का विश्लेषण
Consultation के बाद फिक्स्ड फीस
काम का विवरण लिखित में
Advocate · RERA
Possession में देरी, agreement से अलग कंस्ट्रक्शन, सुपर एरिया का खेल, refund न देना या कमियां — RERA होमबायर को refund, interest और हर्जाने का सीधा रास्ता देता है। हम agreement और पेमेंट्स का रिव्यू, सही फोरम का चुनाव, शिकायत और execution तक केस देखते हैं।
काम में क्या शामिल है
Fees
Professional fee फोरम, स्टेज और सुनवाई की संख्या पर निर्भर करती है — consultation के बाद लिखित में।
पहला कदम
Consultation के बाद फिक्स्ड फीस
काम का विवरण लिखित में
अथॉरिटी / एडजुडिकेटिंग ऑफिसर
Consultation के बाद फिक्स्ड फीस
स्टेज के हिसाब से — काम से पहले लिखित में
ऑर्डर के बाद
Consultation के बाद फिक्स्ड फीस
फोरम के हिसाब से
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। स्थितियां तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
कितना ब्याज बनता है, टैक्स और लोन का असर — CA और Advocate एक साथ हिसाब लगाते हैं।
RERA, कंज्यूमर या सिविल — आपके केस में कौन सा तेज़ और बेहतर है, पहले तय करें।
काम का दायरा
होमबायर हों या प्रमोटर — RERA के दोनों पक्षों का काम।
पजेशन की देरी पर मंथली ब्याज या ब्याज के साथ रिफंड।
प्रोजेक्ट छोड़ने पर जमा रकम ब्याज के साथ वापस।
स्ट्रक्चरल कमी और वादे के मुताबिक स्पेसिफिकेशन से अलग निर्माण।
सुपर एरिया, PLC, मेंटेनेंस और दूसरे चार्ज जो एग्रीमेंट से बाहर हैं।
प्रमोटर्स के लिए प्रोजेक्ट registration, तिमाही अपडेट और शिकायतों का बचाव।
ऑर्डर के बाद रिकवरी सर्टिफिकेट और एग्जीक्यूशन।
कानून क्या कहता है
Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 हर राज्य में अपनी RERA अथॉरिटी और नियमों के साथ लागू है — जैसे हरियाणा में गुरुग्राम और पंचकूला, और UP RERA।
Possession समय पर नहीं मिला तो allottee प्रोजेक्ट छोड़कर interest के साथ refund ले सकता है, या रहते हुए हर महीने की देरी का interest।
Promoter, allottee या agent के खिलाफ Authority या Adjudicating Officer के पास complaint।
Compensation Adjudicating Officer तय करता है।
Possession के 5 साल तक structural defect या काम की कमी builder बिना किसी चार्ज के 30 दिन में ठीक करे।
रजिस्टर्ड agreement for sale के बिना builder 10% से ज़्यादा एडवांस नहीं ले सकता।
Authority के ऑर्डर पर Appellate Tribunal में 60 दिन में appeal; builder को पहले penalty/रकम का हिस्सा जमा करना होता है।
ये बातें पहले से जान लीजिये
Builder की तरफ झुके क्लॉज़, पर कानून के खिलाफ क्लॉज़ लागू नहीं होते — यह complaint में उठाना ज़रूरी है।
Cash पेमेंट और रसीद न होना — refund की रकम साबित करना मुश्किल हो जाता है।
Defects के साथ possession ले लिया, लिखित objection नहीं दिया।
RERA, consumer commission और civil court — राहत और स्पीड अलग; एक साथ कई जगह केस से दिक्कत।
Order मिल गया पर execution file नहीं किया — पैसा आता ही नहीं।
CGA का प्रोसेस
Agreement, payments, RERA registration और promised date.
Refund या interest, और RERA या consumer forum — आपके गोल के हिसाब से।
Builder को फॉर्मल डिमांड — सेटलमेंट का मौका।
State RERA portal पर complaint और hearings.
Order के बाद recovery और ज़रूरत हो तो appeal.
Documents
ये लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
ज़रूरी
हर राज्य के RERA नियम, ब्याज दर और प्रक्रिया अलग हैं। शिकायत उसी राज्य की अथॉरिटी में जाती है जहाँ प्रोजेक्ट स्थित है।
RERA और कंज्यूमर कमीशन दोनों में एक ही राहत के लिए केस करने से पहले कानूनी स्थिति समझ लीजिये — गलत रणनीति से केस लंबा खिंच सकता है।
RERA Section 18 के तहत आप प्रोजेक्ट से निकलकर जमा रकम ब्याज के साथ वापस मांग सकते हैं, या प्रोजेक्ट में रहते हुए हर महीने की देरी का ब्याज ले सकते हैं। ब्याज दर राज्य के नियमों में तय है।
जिस राज्य में प्रोजेक्ट है, उस राज्य की RERA अथॉरिटी में — अक्सर ऑनलाइन portal पर। मुआवजे के लिए Adjudicating Officer के पास एप्लीकेशन जाती है।
दोनों रास्ते उपलब्ध हो सकते हैं। RERA रियल एस्टेट के लिए विशेषज्ञ संस्था है, कंज्यूमर फोरम में मुआवजे का दायरा अलग है। केस के तथ्यों को देखकर फैसला लिया जाता है।
Section 14(3) के तहत पजेशन से 5 साल तक स्ट्रक्चरल खराबी या काम की कमी को बिल्डर को बिना किसी चार्ज के 30 दिन में ठीक करना होता है, वरना खरीदार मुआवजे का हकदार है।
बिल्डर को अपीलीय ट्रिब्यूनल में appeal करने से पहले ऑर्डर की राशि का एक तय हिस्सा जमा करना पड़ता है — इससे खरीदार का पैसा सुरक्षित रहता है।
और भी
यह जानकारी Bar Council of India के नियमों के अनुसार सिर्फ जानकारी के लिए है। यह किसी तरह का विज्ञापन या प्रचार नहीं है। किसी भी मामले का परिणाम कोर्ट या अथॉरिटी तय करती है; CGA किसी परिणाम की गारंटी नहीं देता।
प्रोजेक्ट, बुकिंग की तारीख, कितना भुगतान किया और possession की तय तारीख बताइए। हम बता देंगे कि RERA, उपभोक्ता आयोग या सिविल कोर्ट — कौन सा रास्ता बेहतर है।