notice stage
पहला कदम
- Documents का रिव्यू
- Demand notice या जवाब
- विवाद के रिकॉर्ड का विश्लेषण
- सेटलमेंट की बातचीत
Consultation के बाद फिक्स्ड रेट
काम का विवरण लिखित में
Advocate · CS · Insolvency (IBC)
बड़ी company ने ₹1 करोड़ से ज़्यादा का बकाया रोका है, या आपकी company के खिलाफ NCLT में petition आई है — Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 का process तेज़ है लेकिन technical भी। हम demand notice, NCLT petition, defence, claim filing और settlement तक काम करते हैं, और CS और CA साथ में numbers और filings देखते हैं।
काम में क्या शामिल है
Fees
Professional fee matter के stage, amount और hearings पर depend करती है — consultation के बाद लिखित में।
पहला कदम
Consultation के बाद फिक्स्ड रेट
काम का विवरण लिखित में
Section 7 / 9
Consultation के बाद फिक्स्ड रेट
स्टेज के हिसाब से — काम से पहले लिखित में
एडमिशन के बाद
Consultation के बाद फिक्स्ड रेट
फोरम के हिसाब से
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। स्थितियां तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
Default amount, interest और लेजर CA देखता है, filings CS और petition Advocate — एक ही फाइल पर।
हर मामला IBC का नहीं — पहले तय करते हैं कि कौन सा फोरम आपको पैसा दिलवाएगा।
कार्यक्षेत्र
Creditor हो या debtor company — NCLT के दोनों तरफ का काम।
Suppliers और सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए demand notice और Section 9 petition।
Lenders और इन्वेस्टर्स के लिए Section 7 application।
Notice का जवाब, विवाद का रिकॉर्ड और petition का बचाव।
IRP / RP के पास claim, वेरिफिकेशन और एडमिशन।
Guarantor के खिलाफ या तरफ से Part III की कार्यवाही।
Admission से पहले या बाद में सेटलमेंट और विड्रॉल।
कानून क्या कहता है
IBC रिकवरी का कोर्ट नहीं, company को बचाने या बंद करने का प्रोसेस है। NCLT इसे इसी नजर से देखता है — इसलिए petition सोची-समझी होनी चाहिए।
CIRP शुरू करने के लिए कम से कम ₹1 crore का default.
Bank, NBFC या जिसने loan दिया — default होने पर सीधा NCLT में application.
Supplier या service provider — पहले demand notice; 10 दिन में payment या dispute का सबूत नहीं तो NCLT application.
notice से पहले का genuine dispute हो तो Section 9 application reject होती है।
Admission के बाद company पर नए cases और recovery पर रोक; CIRP पूरी करने की आखिरी समय सीमा litigation के साथ 330 दिन।
Admission के बाद भी Committee of Creditors की 90% सहमति से withdrawal.
ये बातें पहले से जान लीजिए
जहाँ पहले से quality या delivery का dispute लिखित में है, वहाँ petition reject होती है।
Demand notice prescribed form में और सही address पर नहीं — petition कमज़ोर।
Threshold से कम डिफ़ॉल्ट पर CIRP नहीं; दूसरा रास्ता चाहिए।
CIRP में claim टाइम पर नहीं डाला — resolution plan में हिस्सा छूट सकता है।
Notice का 10 दिन में जवाब नहीं — defence का सबसे मज़बूत पॉइंट गया।
CGA का प्रोसेस
Amount, डिफ़ॉल्ट की तारीख, डॉक्युमेंट्स और विवाद का रिकॉर्ड।
IBC, आर्बिट्रेशन, सिविल सूट या सेटलमेंट — कौनसा बेहतर।
डिमांड notice या जवाब — तय फॉर्म में।
पिटीशन, जवाब और सुनवाई।
Claim, सेटलमेंट, resolution plan या NCLAT appeal।
Documents
ये लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
ज़रूरी
IBC को सिर्फ रिकवरी के दबाव के लिए इस्तेमाल करने पर NCLT petition रिजेक्ट कर सकता है। जहाँ जेन्युइन डिस्प्यूट है, वहाँ arbitration या सिविल सूट बेहतर रास्ता हो सकता है।
CIRP में operational creditors को resolution plan में अक्सर पूरा अमाउंट नहीं मिलता। इसलिए notice स्टेज पर सेटलमेंट का मौका गंभीरता से देखिए।
Corporate insolvency शुरू करने के लिए कम से कम ₹1 करोड़ का डिफॉल्ट होना चाहिए। इससे कम अमाउंट पर arbitration, MSME Samadhaan या सिविल सूट का रास्ता देखते हैं।
तय फॉर्म में demand notice भेजना होता है। company 10 दिन में न पेमेंट करे न पहले से चल रहे डिस्प्यूट का सबूत दे, तब Section 9 एप्लीकेशन NCLT में लगती है।
10 दिन के अंदर जवाब देना सबसे ज़रूरी है। अगर पहले से डिस्प्यूट का लिखित रिकॉर्ड है तो उसे रिप्लाई में लगाइए — यही डिफेंस का सबसे मज़बूत बेस होता है।
हाँ। एडमिशन से पहले सेटलमेंट हो तो एप्लीकेशन विड्रॉ होती है, और एडमिशन के बाद Section 12A के अंडर Committee of Creditors की 90% सहमति से।
और भी
यह जानकारी Bar Council of India के नियमों के अनुसार सिर्फ जानकारी के लिए है। यह किसी तरह का विज्ञापन या solicitation नहीं है। किसी भी मामले का परिणाम कोर्ट या अथॉरिटी तय करती है; CGA किसी परिणाम की गारंटी नहीं देता।
कितना amount फंसा है, default कब हुआ और कोई विवाद का रिकॉर्ड है या नहीं — इतना बताइए। हम बता देंगे कि NCLT का रास्ता बनता है या कोई और बेहतर है।