Notice + negotiation
पहला stage
- Loan papers की समीक्षा
- 13(2) का जवाब / आपत्ति
- OTS या restructuring प्रस्ताव
- Bank मीटिंग्स
Consultation के बाद फिक्स्ड फीस
Scope लिखित में
Advocate · DRT और SARFAESI
Loan NPA हो गया, bank ने Section 13(2) का notice भेजा, possession या auction की तैयारी है — SARFAESI और DRT में टाइम लिमिट्स बहुत छोटी हैं। हम notice का जवाब, bank के साथ restructuring या OTS, DRT में चैलेंज और DRAT appeal तक काम करते हैं। Banks और lenders की तरफ से recovery भी।
काम में क्या शामिल है
Fees
Professional fee stage, forum और hearings की संख्या पर depend करती है — consultation के बाद लिखित में।
पहला stage
Consultation के बाद फिक्स्ड फीस
Scope लिखित में
Securitisation application
Consultation के बाद फिक्स्ड फीस
स्टेज के हिसाब से — काम से पहले लिखित में
Appeal या रिकवरी
Consultation के बाद फिक्स्ड फीस
फोरम के हिसाब से
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। स्थितियाँ तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
OTS और रीस्ट्रक्चरिंग प्रपोजल CA बनाता है, लीगल जवाब Advocate — बैंक को एक ही मजबूत फाइल।
13(2), 45 दिन, 30 दिन — हर समय सीमा का कैलेंडर पहले दिन से।
काम का दायरा
Borrower हो या lender — notice से DRAT तक।
13(2) का जवाब, आपत्ति और 13(3A) का जवाब।
रीस्ट्रक्चरिंग, OTS और पेमेंट प्लान — नंबर्स के साथ प्रपोजल।
Section 17 की एप्लीकेशन, अंतरिम राहत और बहस।
appeal, प्री-डिपॉजिट वेवर एप्लीकेशन और सुनवाई।
Section 14 के तहत कब्जे की कार्यवाही में प्रतिनिधित्व।
Banks, NBFCs और lenders के लिए रिकवरी और DRT ओरिजिनल एप्लीकेशन।
कानून क्या कहता है
₹20 lakh या उससे ज्यादा के बैंक रिकवरी केस Debts Recovery Tribunal (RDB Act, 1993) में जाते हैं। MSME borrowers के लिए RBI का रीस्ट्रक्चरिंग फ्रेमवर्क भी जरूरी है।
Account NPA होने के बाद bank 60 दिन का notice देता है।
Notice के दौरान borrower objection दे सकता है; bank को 15 दिन में कारणों के साथ जवाब देना होता है।
60 दिन बाद bank security का possession ले सकता है; physical possession के लिए CMM / DM का order।
Section 13(4) की कार्रवाई के 45 दिन के अंदर DRT में securitisation application।
DRT order के 30 दिन में appeal; debt का 50% जमा (Tribunal 25% तक कम कर सकता है)।
Agricultural land, ₹1 lakh से कम का loan, या जहाँ बचा हुआ debt principal का 20% से कम हो।
ये बातें पहले से जान लीजिये
Objection का मौका गया — बाद में DRT में यही point कमज़ोर।
Possession के बाद DRT जाने की limit छोटी है।
MSME restructuring framework का फायदा लेने के लिए bank को पहले बताना ज़रूरी।
Sale notice publish होने के बाद redemption का हक खत्म हो सकता है।
बिना payment plan के stay मुश्किल — court भी गंभीरता देखता है।
CGA का process
Notice की date, loan papers और बची हुई time limit।
Bank को objection या representation — record बनता है।
Restructuring या OTS का realistic proposal।
ज़ुरूरत हो तो Section 17 application और interim relief।
DRAT या bank के साथ final settlement।
Documents
यह list तैयार रखिए। Photo या scan WhatsApp पर भेज दीजिए — original सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। Case के हिसाब से list थोड़ी बदल सकती है।
ज़रूरी
SARFAESI में समय की बहुत अहमियत है। notice आते ही संपर्क करिए — देरी से विकल्प कम हो जाते हैं।
DRT या कोर्ट stay तभी देते हैं जब borrower का केस मज़बूत हो या पेमेंट की नीयत दिखे। हम शुरू में ही सही स्थिति बता देते हैं।
60 दिन के अंदर पेमेंट करें या bank को अपना पक्ष भेजें। bank को 15 दिन में कारणों के साथ जवाब देना होता है। साथ ही OTS या restructuring का प्रस्ताव भी तैयार करिए।
Section 13(4) की कार्रवाई के 45 दिन के अंदर DRT में Section 17 application file हो सकती है। राहत मिलना केस की मजबूती और पेमेंट पर निर्भर करता है।
Supreme Court के हिसाब से sale notice आने के बाद property वापस पाने का हक अक्सर खत्म हो जाता है। इसलिए auction notice से पहले ही कार्रवाई ज़रूरी है।
MSME borrowers के लिए RBI का restructuring फ्रेमवर्क है। Supreme Court ने कहा है कि banks को इसका पालन करना चाहिए, लेकिन borrower को समय पर अपना MSME status और अर्ज़ी bank के सामने रखनी होती है।
और भी
यह जानकारी Bar Council of India के नियमों के अनुसार सिर्फ जानकारी के लिए है। यह किसी तरह का विज्ञापन या solicitation नहीं है। किसी भी मामले का परिणाम कोर्ट या अथॉरिटी तय करती है; CGA किसी परिणाम की गारंटी नहीं देता।
कौनसा notice आया है (13(2), 13(4) या sale notice), किस तारीख को, और लोन कितना है — इतना बताइए। समय कम है, इसलिए जल्दी बात करिए।