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Advocate · Arbitration और mediation

कोर्ट के सालों के बजाय — arbitration, mediation और MSME council से तेज़ फ़ैसला।

Business contracts के विवाद — जैसे पेमेंट फँसना, काम अधूरा रहना या सप्लाई रुकना — कोर्ट में सालों ले सकते हैं। Arbitration, mediation और MSME समाधान तेज़ और गोपनीय रास्ते हैं। हम क्लॉज के रिव्यू से लेकर arbitration की कार्यवाही, अवार्ड को चैलेंज करने या उसे लागू कराने तक का काम करते हैं।

काम में क्या शामिल है

  • Arbitration क्लॉज का रिव्यू
  • arbitration का notice और arbitrator की नियुक्ति
  • Interim relief (Section 9 / 17)
  • Statement of claim और defence
  • अवार्ड का चैलेंज या enforcement
  • MSME समाधान और pre-litigation mediation
2,500+पूरे भारत में client
20+प्रोफेशनल्स और स्टाफ
CA · CS · CMA · Advocateएक ही firm में

Fees

काम और fees

Professional fee claim की value, forum और proceedings की length पर depend करती है — consultation के बाद लिखित में।

सबसे common
X1

Review + notice

पहला कदम

  • Contract और claim review
  • Strategy note
  • Demand / arbitration notice
  • Settlement negotiation

Consultation के बाद फिक्स्ड कोट
Scope लिखित में

X1 के बारे में पूछिए
X2

Arbitration / MSME

कार्यवाही

  • Claim या defence
  • Interim applications
  • Evidence और hearings
  • Written arguments

Consultation के बाद फिक्स्ड कोट
स्टेज के हिसाब से — काम से पहले लिखित में

X2 के बारे में पूछिए
X3

Court स्टेज

Award के पहले या बाद

  • Section 9 / 11 applications
  • Section 34 challenge या defence
  • Award का execution
  • Appeals

Consultation के बाद फिक्स्ड कोट
फोरम के हिसाब से

X3 के बारे में पूछिए

इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। स्थितियाँ तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।

हिसाब भी, कानून भी

Claim की राशि, ब्याज और लेजर का मिलान CA करता है, केस Advocate — एक ही फाइल पर।

Settlement पर नज़र

हर स्टेज पर settlement का रास्ता खुला — जीत का असली मतलब पैसा वापस आना है।

कार्यक्षेत्र

हम किस तरह के मामले देखते हैं

Claimant हो या respondent — विवाद के हर स्टेज पर।

Arbitration (claimant)

Notice, नियुक्ति, claim और कार्यवाही।

Arbitration (respondent)

बचाव, counter-claim और क्षेत्राधिकार की आपत्तियाँ।

Court की कार्यवाही

Section 9, 11, 34, 36 और 37 की applications।

MSME समाधान

MSE सप्लायर्स के रुके हुए पेमेंट के दावे।

Mediation

मुकदमे से पहले mediation और settlement समझौता।

Contract ड्राफ्टिंग

नए समझौतों में मजबूत विवाद समाधान क्लॉज।

कानून क्या कहता है

Arbitration और mediation के मुख्य प्रावधान

Commercial विवादों में केस फाइल करने से पहले pre-institution mediation भी ज़रूरी है (जब तक अर्जेन्ट अंतरिम राहत न चाहिए हो)।

A&C Act 1996, Sec 9, 17

Interim relief

Arbitration से पहले, दौरान या award के बाद court से interim protection; tribunal भी interim order दे सकता है।

Sec 11

Arbitrator की appointment

दूसरा पक्ष appoint न करे तो High Court / Supreme Court से appointment।

Sec 29A

Award की time limit

Pleadings पूरे होने के 12 महीने में award; दोनों की सहमति से 6 महीने और, उसके बाद court से extension।

Sec 34

Award का challenge

Award मिलने के 3 महीने (और ज़रूरत पर 30 दिन) के अंदर, limited grounds पर।

Sec 36

Enforcement

Award decree की तरह enforce होता है; challenge करने से automatic stay नहीं मिलता।

MSMED Act, Sec 15-19

MSME supplier

MSE supplier का 45 दिन से ज़्यादा pending payment — Facilitation Council में claim, compound interest के साथ; award challenge के लिए 75% जमा।

ये बातें पहले से जान लीजिये

Commercial disputes में ये गलतियां महंगी पड़ती हैं

Clause पढ़ा ही नहीं

Seat, number of arbitrators और institution का ज़िक्र — इन्हीं पर पूरा process टिका है।

Interim relief में देरी

दूसरा पक्ष assets हटा दे, फिर award कागज़ पर रह जाता है।

हिसाब clear नहीं

Claim की राशि, ब्याज और invoice का लेजर से मिलान नहीं।

MSME स्टेटस का फायदा नहीं

Udyam registration है, पर Facilitation Council का रास्ता नहीं सोचा।

Award के बाद चुप

Enforcement फाइल नहीं किया या Section 34 की लिमिट निकल गयी।

CGA का प्रोसेस

हम इसे कैसे हैंडल करते हैं

1

रिव्यू

Agreement, क्लॉज, डॉक्यूमेंट्स और claim का हिसाब।

2

रणनीति

Arbitration, MSME, मध्यस्थता या सूट — तेज़ और सस्ता रास्ता।

3

notice

डिमांड या notice of arbitration; ज़रूरत हो तो अंतरिम राहत।

4

कार्यवाही

Pleadings, सबूत और बहस।

5

Award

Enforcement या चुनौती, और रिकवरी।

डॉक्यूमेंट्स

कौनसे डॉक्यूमेंट्स चाहिए

यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।

Agreement

  • मुख्य agreement और उसके संशोधन
  • Purchase orders और वर्क ऑर्डर्स
  • Arbitration क्लॉज वाला पेज

पैसा और काम

  • invoice और ledger account
  • delivery challans और स्वीकृति का रिकॉर्ड
  • payment का रिकॉर्ड और बकाया स्टेटमेंट

विवाद का रिकॉर्ड

  • email, पत्र और मीटिंग के नोट्स
  • notice और उनके जवाब
  • Udyam सर्टिफिकेट (MSME क्लेम के लिए)

Documents WhatsApp पर भेजें

ज़रूरी

शुरू करने से पहले यह जान लीजिए

Arbitration में ट्रिब्यूनल की फीस और खर्च भी होते हैं जो विवाद की राशि पर निर्भर करते हैं। शुरुआत में कुल खर्च का अंदाज़ा ले लीजिए।

Arbitration के नियमों में बदलाव आते रहते हैं। हर स्टेज पर मौजूदा कानून देखकर ही समय सीमा और प्रक्रिया तय की जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Agreement में arbitration क्लॉज नहीं है तो?

दोनों पक्ष बाद में भी लिखित में arbitration के लिए सहमत हो सकते हैं। वरना कमर्शियल सूट का रास्ता है, जिसमें पहले प्री-इंस्टीट्यूशन मीडिएशन ज़रूरी है।

Arbitration में कितना समय लगता है?

कानून के हिसाब से कागजी कार्रवाई पूरी होने के 12 महीने में फैसला आना चाहिए, जिसे आपसी सहमति से 6 महीने और बढ़ाया जा सकता है। उसके बाद कोर्ट की अनुमति चाहिए होती है।

MSME Samadhaan क्या है?

अगर आप Udyam रजिस्टर्ड माइक्रो या स्मॉल सप्लायर हैं और बायर ने 45 दिन से ज़्यादा payment रोका है, तो MSE Facilitation Council में क्लेम कर सकते हैं। देरी से हुए payment पर बैंक रेट का तीन गुना चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है।

फैसले के खिलाफ appeal हो सकती है?

फैसले को Section 34 के तहत सीमित आधारों पर चुनौती दी जा सकती है — फैसला मिलने के 3 महीने के भीतर। मामले की मेरिट पर दोबारा सुनवाई नहीं होती।

और भी

संबंधित सेवाएं

Agreement ड्राफ्टिंग

बेहतर विवाद क्लॉज

सिविल मुकदमेबाजी

कमर्शियल केस और रिकवरी

Insolvency (IBC)

बड़ी रिकवरी के लिए NCLT

यह जानकारी Bar Council of India के नियमों के अनुसार सिर्फ जानकारी के लिए है। यह किसी तरह का विज्ञापन या प्रचार नहीं है। किसी भी मामले का परिणाम कोर्ट या अथॉरिटी तय करती है; CGA किसी परिणाम की गारंटी नहीं देता।

क्या बिजनेस का कोई विवाद फंसा है?

Agreement में arbitration क्लॉज है या नहीं, कितना पैसा फंसा है और कब से — बस इतना बताइए। हम बता देंगे कि arbitration, MSME Samadhaan या कमर्शियल सूट — कौन सा रास्ता बेहतर है।

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