Review + notice
पहला कदम
- Contract और claim review
- Strategy note
- Demand / arbitration notice
- Settlement negotiation
Consultation के बाद फिक्स्ड कोट
Scope लिखित में
Advocate · Arbitration और mediation
Business contracts के विवाद — जैसे पेमेंट फँसना, काम अधूरा रहना या सप्लाई रुकना — कोर्ट में सालों ले सकते हैं। Arbitration, mediation और MSME समाधान तेज़ और गोपनीय रास्ते हैं। हम क्लॉज के रिव्यू से लेकर arbitration की कार्यवाही, अवार्ड को चैलेंज करने या उसे लागू कराने तक का काम करते हैं।
काम में क्या शामिल है
Fees
Professional fee claim की value, forum और proceedings की length पर depend करती है — consultation के बाद लिखित में।
पहला कदम
Consultation के बाद फिक्स्ड कोट
Scope लिखित में
कार्यवाही
Consultation के बाद फिक्स्ड कोट
स्टेज के हिसाब से — काम से पहले लिखित में
Award के पहले या बाद
Consultation के बाद फिक्स्ड कोट
फोरम के हिसाब से
इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। स्थितियाँ तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।
Claim की राशि, ब्याज और लेजर का मिलान CA करता है, केस Advocate — एक ही फाइल पर।
हर स्टेज पर settlement का रास्ता खुला — जीत का असली मतलब पैसा वापस आना है।
कार्यक्षेत्र
Claimant हो या respondent — विवाद के हर स्टेज पर।
Notice, नियुक्ति, claim और कार्यवाही।
बचाव, counter-claim और क्षेत्राधिकार की आपत्तियाँ।
Section 9, 11, 34, 36 और 37 की applications।
MSE सप्लायर्स के रुके हुए पेमेंट के दावे।
मुकदमे से पहले mediation और settlement समझौता।
नए समझौतों में मजबूत विवाद समाधान क्लॉज।
कानून क्या कहता है
Commercial विवादों में केस फाइल करने से पहले pre-institution mediation भी ज़रूरी है (जब तक अर्जेन्ट अंतरिम राहत न चाहिए हो)।
Arbitration से पहले, दौरान या award के बाद court से interim protection; tribunal भी interim order दे सकता है।
दूसरा पक्ष appoint न करे तो High Court / Supreme Court से appointment।
Pleadings पूरे होने के 12 महीने में award; दोनों की सहमति से 6 महीने और, उसके बाद court से extension।
Award मिलने के 3 महीने (और ज़रूरत पर 30 दिन) के अंदर, limited grounds पर।
Award decree की तरह enforce होता है; challenge करने से automatic stay नहीं मिलता।
MSE supplier का 45 दिन से ज़्यादा pending payment — Facilitation Council में claim, compound interest के साथ; award challenge के लिए 75% जमा।
ये बातें पहले से जान लीजिये
Seat, number of arbitrators और institution का ज़िक्र — इन्हीं पर पूरा process टिका है।
दूसरा पक्ष assets हटा दे, फिर award कागज़ पर रह जाता है।
Claim की राशि, ब्याज और invoice का लेजर से मिलान नहीं।
Udyam registration है, पर Facilitation Council का रास्ता नहीं सोचा।
Enforcement फाइल नहीं किया या Section 34 की लिमिट निकल गयी।
CGA का प्रोसेस
Agreement, क्लॉज, डॉक्यूमेंट्स और claim का हिसाब।
Arbitration, MSME, मध्यस्थता या सूट — तेज़ और सस्ता रास्ता।
डिमांड या notice of arbitration; ज़रूरत हो तो अंतरिम राहत।
Pleadings, सबूत और बहस।
Enforcement या चुनौती, और रिकवरी।
डॉक्यूमेंट्स
यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — ओरिजिनल सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
ज़रूरी
Arbitration में ट्रिब्यूनल की फीस और खर्च भी होते हैं जो विवाद की राशि पर निर्भर करते हैं। शुरुआत में कुल खर्च का अंदाज़ा ले लीजिए।
Arbitration के नियमों में बदलाव आते रहते हैं। हर स्टेज पर मौजूदा कानून देखकर ही समय सीमा और प्रक्रिया तय की जाती है।
दोनों पक्ष बाद में भी लिखित में arbitration के लिए सहमत हो सकते हैं। वरना कमर्शियल सूट का रास्ता है, जिसमें पहले प्री-इंस्टीट्यूशन मीडिएशन ज़रूरी है।
कानून के हिसाब से कागजी कार्रवाई पूरी होने के 12 महीने में फैसला आना चाहिए, जिसे आपसी सहमति से 6 महीने और बढ़ाया जा सकता है। उसके बाद कोर्ट की अनुमति चाहिए होती है।
अगर आप Udyam रजिस्टर्ड माइक्रो या स्मॉल सप्लायर हैं और बायर ने 45 दिन से ज़्यादा payment रोका है, तो MSE Facilitation Council में क्लेम कर सकते हैं। देरी से हुए payment पर बैंक रेट का तीन गुना चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है।
फैसले को Section 34 के तहत सीमित आधारों पर चुनौती दी जा सकती है — फैसला मिलने के 3 महीने के भीतर। मामले की मेरिट पर दोबारा सुनवाई नहीं होती।
और भी
यह जानकारी Bar Council of India के नियमों के अनुसार सिर्फ जानकारी के लिए है। यह किसी तरह का विज्ञापन या प्रचार नहीं है। किसी भी मामले का परिणाम कोर्ट या अथॉरिटी तय करती है; CGA किसी परिणाम की गारंटी नहीं देता।
Agreement में arbitration क्लॉज है या नहीं, कितना पैसा फंसा है और कब से — बस इतना बताइए। हम बता देंगे कि arbitration, MSME Samadhaan या कमर्शियल सूट — कौन सा रास्ता बेहतर है।