ट्रांजैक्शन filing
एक FDI या transfer
- Sector और pricing चेक करें
- Allotment के दस्तावेज़
- FC-GPR या FC-TRS filing
- AD bank से फॉलो-अप
काम देखकर फिक्स्ड कोटेशन
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
CS · CA · FEMA
Foreign investor से पैसा लेना, NRI को shares देना, विदेश में subsidiary बनाना या foreign loan लेना — हर काम में RBI को समय पर reporting ज़रूरी है। हम sector और route चेक करने से लेकर FIRMS filing, annual FLA, ODI और late filing के compounding तक पूरा काम करते हैं।
काम में क्या शामिल है
Fees
Fee ट्रांजैक्शन के प्रकार, investors की संख्या और पेंडिंग filings पर निर्भर करती है।
एक FDI या transfer
काम देखकर फिक्स्ड कोटेशन
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
जिन company में FDI है
काम देखकर फिक्स्ड कोटेशन
सटीक फीस काम का स्कोप देखने के बाद लिखित में तय होती है
जिनकी filing छूट गई है
काम देखकर फिक्स्ड कोटेशन
काम का स्कोप देखने के बाद ही सही फीस लिखित में तय की जाती है
इस पेज पर दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। नियम और कानून समय के साथ बदल सकते हैं — अपने केस के लिए हमसे बात करें।
एक ही फाइल पर allotment CS करता है, valuation और tax CA, और investment agreement Advocate संभालते हैं।
FIRMS filing bank के जरिए होती है — bank के सवालों के जवाब भी हम देते हैं।
काम का दायरा
चाहे पैसा देश में आए या बाहर जाए — ट्रांजैक्शन से पहले स्ट्रक्चर बनाना और बाद में reporting करना।
सेक्टर, लिमिट और रूट की जांच; allotment और FC-GPR filing।
Resident और non-resident के बीच ट्रांसफर, प्राइसिंग और FC-TRS।
Capital contribution और प्रॉफिट शेयर की reporting।
विदेश में subsidiary या JV — ODI फॉर्म और सालाना परफॉरमेंस रिपोर्ट।
Eligibility, LRN और मंथली reporting।
पुरानी गलतियों के लिए RBI के पास compounding एप्लीकेशन और सुनवाई।
कानून क्या कहता है
FEMA में गलती सिविल मामला है, क्रिमिनल नहीं — लेकिन penalty की रकम तीन गुना तक हो सकती है। देरी होने पर Late Submission Fee और compounding से मामला सुलझाना सस्ता पड़ता है।
Non-resident को shares allot करने के 30 दिन के अंदर FIRMS portal पर FC-GPR.
Resident और non-resident के बीच transfer — पेमेंट के 60 दिन के अंदर FC-TRS.
Non-resident को issue fair value से कम नहीं; non-resident से खरीद fair value से ज़्यादा नहीं।
हर साल 15 July तक Foreign Liabilities and Assets (FLA) return.
जिन देशों की सीमा India से मिलती है, वहां के investor के लिए Government approval ज़रूरी।
नियम तोड़ने पर शामिल राशि का तीन गुना तक penalty; compounding का रास्ता उपलब्ध।
ये बातें पहले से जान लीजिए
पैसा आने के 60 दिन में shares allot नहीं किए तो पैसा वापस करना पड़ता है।
Fair value रिपोर्ट के बिना shares issue करना pricing का उल्लंघन है।
एक बार FDI आया तो हर साल FLA — कई companies भूल जाती हैं।
Automatic route समझकर approval route वाले sector में पैसा ले लिया।
Indirect ownership भी Press Note 3 में आती है — beneficial owner की जांच ज़रूरी है।
विदेशी company के ज़रिए वापस India में investment — शर्तें समझे बिना structure बनाना।
CGA का process
Sector, route, cap और investor का profile।
Board approvals, valuation और agreements।
पैसा आने या जाने के बाद allotment या transfer।
FIRMS पर form, AD bank के साथ coordination।
FLA, APR और compliance calendar।
Timeline
| Stage | Typical समय | कौन करता है |
|---|---|---|
| Sector और document की जांच | 2–5 कार्य दिवस | CGA |
| FC-GPR filing | Allotment के 30 दिन के अंदर | CGA + AD bank |
| FC-TRS filing | Payment के 60 दिन के अंदर | CGA + AD bank |
| FLA return | हर साल 15 July तक | CGA |
यह सामान्य समय सीमा है। Department, court या authority की पूछताछ और लिस्टिंग के हिसाब से समय कम या ज्यादा हो सकता है।
Documents
यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — original सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।
ज़रूरी
FEMA के नियम और फॉर्म RBI की master directions में बदलते रहते हैं। filing हमेशा latest direction के हिसाब से करते हैं।
अगर filing छूट गयी है तो RBI के notice का इंतज़ार मत करिये — खुद LSF या compounding से ठीक करना हमेशा सस्ता पड़ता है।
पैसा आने के 60 दिन के अंदर shares allot करने हैं (वरना पैसा वापस), और allotment के 30 दिन के अंदर FIRMS portal पर FC-GPR file करना है। shares fair value से कम पर issue नहीं हो सकते।
हर वो Indian company या LLP जिसमें foreign investment आया है या जिसने विदेश में investment किया है, हर साल 15 जुलाई तक FLA return file करती है — चाहे उस साल नया investment न आया हो।
Late Submission Fee (LSF) के साथ filing हो सकती है, एक तय limit के अंदर। उससे ज़्यादा delay या दूसरे contraventions में RBI के पास compounding application लगती है।
Land border शेयर करने वाले देशों के investor या beneficial owner के लिए Press Note 3 (2020) के तहत Government approval ज़रूरी है, sector चाहे automatic route में हो।
और भी
पैसा किस देश से आया या गया, कब आया और क्या filing हुई — इतना बताइए। हम बता देंगे कि क्या पेंडिंग है और लेट filing कैसे ठीक होगी।