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Advocate · Succession

अपनों के जाने के बाद bank, shares और property का ट्रांसफर — सही डॉक्यूमेंट के साथ, बिना झगड़े के।

किसी अपने के जाने के बाद bank, FD, shares, insurance और property कानूनी वारिसों के नाम करने के लिए succession certificate, probate, letters of administration या legal heir certificate चाहिए होता है। हम पहले तय करते हैं कि कौन सा डॉक्यूमेंट ज़रूरी है, फिर कोर्ट या रेवेन्यू अथॉरिटी से लेकर हर संस्थान में ट्रांसफर तक का काम करते हैं।

काम में क्या शामिल है

  • कौन सा डॉक्यूमेंट चाहिए — पहले सलाह
  • Succession certificate (कोर्ट)
  • Probate और letters of administration
  • Legal heir certificate (रेवेन्यू)
  • Bank, demat और insurance में ट्रांसफर
  • Property mutation और family settlement
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CA · CS · CMA · Advocateएक ही firm में

Fees

काम और fees

Professional fee document के टाइप, assets की संख्या और कोर्ट पर निर्भर करती है। Court fee राज्य और अमाउंट के हिसाब से अलग, actual पर।

सबसे कॉमन
W1

Legal heir / transmission

छोटे अमाउंट और सिंपल केसेस

  • दस्तावेजों पर सलाह
  • Legal heir certificate के लिए आवेदन
  • Bank और demat transmission
  • Indemnity और NOC ड्राफ्टिंग

Consultation के बाद फिक्स्ड रेट
Scope लिखित में

W1 के बारे में पूछिए
W2

Succession certificate

Bank, FD और शेयर्स

  • Petition ड्राफ्टिंग और filing
  • Public notice और सुनवाई
  • Certificate मिलने तक फॉलो-अप
  • Institutions में ट्रांसफर

Consultation के बाद फिक्स्ड रेट
Court fee अलग, एक्चुअल खर्च पर

W2 के बारे में पूछिए
W3

Probate / LoA + प्रॉपर्टी

Will और प्रॉपर्टी वाले केस

  • Probate या LoA petition
  • Objections का जवाब
  • प्रॉपर्टी mutation
  • Family settlement deed

Consultation के बाद फिक्स्ड रेट
मामले के हिसाब से

W3 के बारे में पूछिए

इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य सूचना है, प्रोफेशनल सलाह नहीं। स्थितियां तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।

कानून और टैक्स साथ

पिछली ITR, विरासत में मिली संपत्ति की लागत और कैपिटल गेन्स — CA उसी फाइल पर।

काउंटर तक साथ

Certificate मिलने के बाद बैंक और RTA के चक्कर भी हम लगाते हैं।

काम का दायरा

Succession में हम क्या करते हैं

Court से लेकर बैंक काउंटर तक — पूरा काम एक ही टीम।

Succession certificate

बैंक डिपॉजिट, शेयर, बॉन्ड और दूसरे कर्ज के लिए जिला अदालत से।

Probate / LoA

Will के साथ या बिना Will के कोर्ट से अथॉरिटी।

Legal heir certificate

तहसील / SDM से — पेंशन, सरकारी बकाया और यूटिलिटीज के लिए।

Transmission

बैंक, डीमैट, म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस में वारिसों के नाम ट्रांसफर।

संपत्ति

दाखिल-खारिज, पारिवारिक समझौता और बंटवारा।

Will ड्राफ्टिंग

आगे के लिए स्पष्ट Will, ताकि परिवार को यह झंझट न हो।

कानून क्या कहता है

Succession का कानून

कौन सा डॉक्यूमेंट चाहिए, यह संपत्ति के प्रकार, Will होने या न होने और राज्य पर निर्भर करता है। गलत डॉक्यूमेंट के लिए अप्लाई करने से महीने बर्बाद होते हैं।

Indian Succession Act 1925, Sec 214, 372

Succession certificate

मृतक के कर्ज और सिक्योरिटीज (bank deposits, shares, bonds) वसूल करने के लिए District Judge से।

Sec 57, 222

Probate

Will का executor कोर्ट से probate लेता है; Mumbai, Chennai, Kolkata जैसे इलाकों में कुछ मामलों में जरूरी।

Sec 218, 232

Letters of administration

Will नहीं है, या will है पर executor नहीं — तब कोर्ट से प्रशासन का अधिकार।

Shakti Yezdani v. Jayanand Salgaonkar (SC, 2023)

Nominee मालिक नहीं

Nominee आमतौर पर संपत्ति कानूनी वारिसों के लिए प्राप्त करता है; असली हक उत्तराधिकार कानून से तय होता है।

HSA 1956, Sec 6; Vineeta Sharma (SC, 2020)

बेटियों का बराबर हक

हिन्दू परिवार में बेटियां जन्म से ही सह-भागीदार हैं — बेटों के बराबर हक।

HSA 1956, Sec 8

बिना will के

Hindu Succession Act के Class I वारिसों (पत्नी, बच्चे, माँ) में बराबर बंटवारा।

ये बातें पहले से जान लीजिए

उत्तराधिकार के मामलों में ये गलतियां देरी और झगड़ा बढ़ाती हैं

Nominee को मालिक मान लेना

Nominee ने सब ले लिया और बाकी वारिसों का हक रह गया — इससे बाद में झगड़ा होता है।

गलत document

बैंक को succession certificate चाहिए था और आप legal heir certificate ले आए — या इसका उल्टा।

वारिस का नाम छूट जाना

किसी कानूनी वारिस का नाम याचिका में न होना — आपत्ति और देरी।

पारिवारिक समझौता मौखिक होना

भाइयों में बँटवारा बिना लिखित और registration के — बाद में विवाद।

Tax भूल जाना

मृतक का आखिरी ITR और विरासत में मिली संपत्ति का लागत रिकॉर्ड।

CGA की प्रक्रिया

हम इसे कैसे संभालते हैं

1

संपत्तियों की सूची

क्या-क्या है, कहाँ है और कितने का है।

2

सही दस्तावेज़

संपत्ति और वसीयत के हिसाब से कौन सा प्रमाण पत्र चाहिए।

3

याचिका

Court या राजस्व विभाग में आवेदन, सभी वारिसों की जानकारी के साथ।

4

notice और आदेश

सार्वजनिक notice, आपत्तियों का जवाब और आदेश / प्रमाण पत्र।

5

Transfer

हर बैंक, company और office में नाम का हस्तांतरण।

समय सीमा

कितना समय लगता है

चरणसामान्य समयकौन करता है
दस्तावेज़ों और संपत्तियों की सूची1–2 हफ्तेपरिवार + CGA
Petition filingDocuments मिलने के बाद 1 हफ्ताCGA
Public notice और objections का समयCourt के notice के हिसाब से (अक्सर 30–45 दिन)Court
Certificate / orderबिना objection के कुछ महीने; objection पर ज़्यादाCourt
Institutions में transferहर institution के process के हिसाब सेCGA

यह सामान्य समय सीमा है। Department, court या authority की क्वेरी और लिस्टिंग के हिसाब से समय कम या ज़्यादा हो सकता है।

Documents

कौनसे documents चाहिए

यह लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — original सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर। केस के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।

बुनियादी documents

  • Death certificate
  • मृत्यु होने वाले व्यक्ति का PAN और Aadhaar
  • सभी कानूनी वारिसों के ID और address proof
  • Family tree / रिश्तों का सबूत

Assets की लिस्ट

  • Bank accounts और FD की जानकारी
  • Shares, mutual funds और demat statements
  • Property documents
  • बीमा और PF / पेंशन के कागजात

अगर Will हो तो

  • ओरिजिनल Will
  • गवाहों की जानकारी
  • Executor की जानकारी

Documents WhatsApp पर भेजिये

ज़रूरी

शुरू करने से पहले यह जान लीजिये

Succession certificate और probate पर कोर्ट फीस लगती है जो राज्य और संपत्ति की वैल्यू पर निर्भर करती है। याचिका से पहले इसका अंदाज़ा दे देते हैं।

अगर वारिसों में सहमति नहीं है, तो मामला विवादित हो जाता है और समय बढ़ जाता है। जहाँ मुमकिन हो, पहले फैमिली सेटलमेंट की कोशिश बेहतर रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Succession certificate और legal heir certificate में क्या फर्क है?

Succession certificate जिला अदालत देती है — बैंक डिपॉजिट, शेयर और सिक्योरिटी वसूल करने के लिए। Legal heir certificate तहसील या रेवेन्यू अथॉरिटी देती है — अक्सर पेंशन, सरकारी बकाया और यूटिलिटी कनेक्शन के लिए। कौन सा चाहिए, यह संस्था और राशि पर निर्भर करता है।

अगर nominee है तो क्या succession certificate चाहिए?

बैंक या company nominee को पैसा दे देती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हिसाब से nominee मालिक नहीं — असली हक कानूनी वारिसों का है। वारिसों के बीच झगड़ा हो तो उत्तराधिकार कानून ही लागू होता है।

अगर Will है तो क्या probate ज़रूरी है?

मुंबई, चेन्नई, कोलकाता जैसे कुछ इलाकों और कुछ मामलों में probate ज़रूरी है। बाकी जगह यह वैकल्पिक है, लेकिन कई बैंक और हाउसिंग सोसायटियाँ probate मांगती हैं।

कितना समय लगता है?

बिना किसी आपत्ति के succession certificate में अक्सर कुछ महीने लगते हैं — यह कोर्ट के पब्लिक notice, आपत्तियों के समय और लिस्टिंग पर निर्भर करता है। आपत्ति आने पर ज़्यादा समय लग सकता है।

और भी

संबंधित सेवाएँ

प्रॉपर्टी लीगल

Will ड्राफ्टिंग, registry और म्यूटेशन

ITR filing

मृतक का आखिरी ITR

सिविल मुकदमेबाजी

बंटवारा और पारिवारिक विवाद

यह जानकारी Bar Council of India के नियमों के अनुसार सिर्फ जानकारी के लिए है। यह किसी तरह का विज्ञापन या प्रचार नहीं है। किसी भी मामले का परिणाम कोर्ट या अथॉरिटी तय करती है; CGA किसी परिणाम की गारंटी नहीं देता।

परिवार में किसी के जाने के बाद कागज़ अटके हैं?

किसका देहांत हुआ, वसीयत है या नहीं, और क्या-क्या ट्रांसफर करना है — इतना बताइए। हम बता देंगे कि succession certificate, probate या legal heir certificate में से क्या चाहिए।

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