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Advocate · फैमिली लॉ

मुश्किल वक्त में साफ सलाह, सही कानून और इज्जत के साथ रास्ता।

Divorce, maintenance, custody या घरेलू हिंसा — फैमिली मैटर्स में कानून के साथ समझदारी भी चाहिए। हम mutual consent divorce से लेकर contested cases, maintenance, custody, domestic violence और settlement तक — पूरी गोपनीयता के साथ, आपके और बच्चों के हित को पहले रखकर काम करते हैं।

काम में क्या शामिल है

  • Mutual consent divorce
  • Contested divorce और बचाव
  • Maintenance और alimony
  • Child custody और visitation
  • Domestic violence से सुरक्षा
  • Mediation और settlement agreement
2,500+पूरे भारत में client
20+प्रोफेशनल्स और स्टाफ
CA · CS · CMA · Advocateएक ही firm में

Fees

काम और fees

Professional fee मामले के प्रकार, कोर्ट और hearings की संख्या पर निर्भर करती है — consultation के बाद लिखित में।

सबसे कॉमन
M1

Mutual consent

जहाँ दोनों सहमत हैं

  • Settlement terms की drafting
  • Joint petition
  • First और second motion
  • Waiting period waiver application (जहाँ बने)

Consultation के बाद fixed quote
Scope लिखित में

M1 के बारे में पूछिए
M2

Contested / maintenance

जहाँ सहमति नहीं

  • Petition या reply
  • Interim applications
  • Evidence और arguments
  • Mediation sessions

Consultation के बाद fixed quote
Stage के हिसाब से — काम से पहले लिखित में

M2 के बारे में पूछिए
M3

Settlement package

कई cases एक साथ

  • सारे pending cases का review
  • Global settlement terms
  • Settlement deed
  • Cases की withdrawal / quashing

Consultation के बाद fixed quote
Matters की संख्या के हिसाब से

M3 के बारे में पूछिए

इस पेज पर दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है, professional advice नहीं। स्थितियां तथ्यों और उस समय के कानून पर निर्भर करती हैं — अपने केस के लिए हमसे बात कर लीजिए।

कानून और पैसा साथ

Alimony और maintenance में इनकम, ITR और एसेट्स का सही हिसाब — CA और Advocate एक फाइल पर।

Settlement पहले

जहाँ मुमकिन हो, mediation से — कम खर्च, कम समय और बच्चों पर कम असर।

Scope

Family law में हम क्या देखते हैं

दोनों पक्षों के लिए — लेकिन एक matter में सिर्फ एक पक्ष की तरफ से।

Mutual divorce

Petition, settlement terms, first और second motion।

Contested matters

Divorce petition या बचाव, सबूत और बहस।

Maintenance

Interim और permanent maintenance, alimony और बदलाव।

Custody

Custody, guardianship और मिलने के अधिकार।

Domestic violence

सुरक्षा और रहने के आदेश — और गलत शिकायतों का बचाव।

Settlement

Mediation, settlement deed और सारे केस का एक साथ समाधान।

कानून क्या कहता है

Family law के मुख्य प्रावधान

Hindu Marriage Act के अलावा Special Marriage Act और पर्सनल कानून भी लागू होते हैं — कौन सा कानून लगेगा, यह शादी के तरीके और धर्म पर निर्भर करता है।

HMA 1955, Sec 13B

Mutual consent

कम से कम 1 साल से अलग रहने पर दोनों की मर्जी से तलाक; 6 महीने का वेटिंग पीरियड कोर्ट माफ कर सकता है।

HMA 1955, Sec 13

तलाक के आधार

क्रूरता, 2 साल का अलगाव, व्यभिचार, धर्म परिवर्तन या मानसिक विकार जैसे आधारों पर तलाक का केस।

BNSS Sec 144; HMA Sec 24, 25

Maintenance

पत्नी, बच्चे और माता-पिता का maintenance क्रिमिनल कोर्ट से; केस के दौरान अंतरिम maintenance फैमिली कोर्ट से।

DV Act 2005, Sec 12, 18-22

घरेलू हिंसा

सुरक्षा, रहने की जगह, आर्थिक राहत और कस्टडी के आदेश।

Guardians & Wards Act 1890; HMGA 1956

Custody

बच्चे का हित सबसे ऊपर — कस्टडी, गार्जियनशिप और मिलने का अधिकार।

Rajnesh v. Neha (SC, 2020)

संपत्ति का खुलासा

Maintenance के मामलों में दोनों पक्षों को अपनी आय और संपत्ति का एफिडेविट देना होता है।

ये बातें पहले से जान लीजिए

फैमिली मामलों में ये गलतियां बाद में भारी पड़ती हैं

गुस्से में कई केस

एक साथ कई FIR और केस — बाद में सेटलमेंट मुश्किल और सालों की कानूनी लड़ाई।

Income छुपाना

Maintenance के एफिडेविट में गलत जानकारी देना — कोर्ट की नजर में साख खत्म हो जाती है।

सेटलमेंट लिखित में न होना

ज़ुबानी समझौता — बाद में मुकरना आसान।

बच्चों को बीच में

Custody में बच्चे का हित court सबसे पहले देखता है; दूसरे parent से दूर रखना उल्टा पड़ता है।

Mediation को इग्नोर

Family court में mediation का मौका — सबसे कम खर्च और कम दर्द वाला रास्ता।

CGA का प्रोसेस

हम इसे कैसे handle करते हैं

1

Confidential बात

पूरी situation समझना — आपके goals और बच्चों की ज़रूरत।

2

Options

Settlement या litigation, कौनसा law और कौनसी court।

3

Drafting

Petition, reply या settlement terms।

4

Court और mediation

Hearings, mediation और evidence।

5

Order के बाद

Maintenance का execution, custody का पालन और appeals।

Documents

कौनसे documents चाहिए

ये लिस्ट तैयार रखिए। फोटो या स्कैन WhatsApp पर भेज दीजिए — original सिर्फ ज़रूरत पर। Case के हिसाब से लिस्ट थोड़ी बदल सकती है।

शादी का रिकॉर्ड

  • Marriage certificate या शादी की फोटो / कार्ड
  • दोनों के ID और address proof
  • बच्चों के birth certificates

Maintenance के लिए

  • Income का सबूत — salary slip, ITR, bank statements
  • खर्च की लिस्ट (घर, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल)
  • Assets और liabilities की जानकारी

पहले से चल रहे मामले

  • कोई FIR, शिकायत या कोर्ट केस के कागजात
  • Notices और उनके जवाब
  • Mediation या सेटलमेंट का रिकॉर्ड

Documents WhatsApp पर भेजिए

ज़रूरी

शुरू करने से पहले यह जान लीजिए

Family matters में हर बात गोपनीय रहती है। हम एक मामले में सिर्फ एक पक्ष की तरफ से काम करते हैं।

अगर आप या बच्चे तुरंत खतरे में हैं तो पहले पुलिस (112) या महिला हेल्पलाइन (181) से संपर्क करिए — कानूनी कार्रवाई उसके साथ चलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Mutual consent divorce में कितना समय लगता है?

कम से कम 1 साल अलग रहने के बाद याचिका दाखिल होती है। First motion के बाद 6 महीने का वेटिंग पीरियड होता है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के अमरदीप सिंह जजमेंट के हिसाब से कोर्ट सही मामले में माफ कर सकता है।

Maintenance कितना मिलता है?

कोई तय फार्मूला नहीं है। कोर्ट दोनों की income, ज़रूरत, लाइफस्टाइल और जिम्मेदारियों को देखता है। सुप्रीम कोर्ट ने रजनीश बनाम नेहा मामले में दोनों पक्षों के लिए income और assets का एफिडेविट ज़रूरी किया है।

Custody किसको मिलती है?

कोर्ट बच्चे का हित सबसे ऊपर रखता है — उम्र, पढ़ाई, भावनात्मक जुड़ाव और माता-पिता की स्थिति। दूसरे parent को visitation का हक आमतौर पर मिलता है।

क्या बात गोपनीय रहेगी?

हाँ। Family matters की हर जानकारी गोपनीय रहती है और कई मामलों में कोर्ट भी इन-कैमरा सुनवाई करती है।

और भी

संबंधित सेवाएं

Criminal Law

Bail और FIR quashing

Agreement Drafting

Settlement agreement

Property Legal

Joint property और स्त्रीधन

यह जानकारी Bar Council of India के नियमों के अनुसार सिर्फ जानकारी के लिए है। यह किसी तरह का विज्ञापन या प्रचार नहीं है। किसी भी मामले का परिणाम कोर्ट या अथॉरिटी तय करती है; CGA किसी परिणाम की गारंटी नहीं देता।

Family matter में सलाह चाहिए?

सिर्फ इतना बताइए कि मामला किस बारे में है और कोई केस पहले से चल रहा है या नहीं। बात पूरी तरह गोपनीय रहती है।

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